पंजाबराज्य

भगवंत मान का विपक्ष पर बड़ा हमला, बोले- कांग्रेस-अकाली दल ने पंजाब को दीमक की तरह खोखला किया

खरार:  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला और कांग्रेस एवं अकाली दल को पंजाब को दीमक की तरह खोखला करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अकाली दल एक बार फिर भाजपा के साथ हाथापाई करके राज्य को लूटने के लिए बेताब है। मोहाली के खरार हलका में आयोजित लोकमिलनी कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि विपक्ष सत्ता के लिए लड़ रहा है, जबकि उनकी सरकार लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सड़कें, बिजली और पानी उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि “गलती से विपक्षी दलों को वोट देने से जनहितैषी सभी योजनाएं ठप हो जाएंगी।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि विपक्षी दलों ने पंजाब और यहां की जनता के खिलाफ कई गुनाह किए हैं और कहा कि इस बार जनता उनके राजनीतिक अस्तित्व का अंत कर देगी।

यहां लोक मिलनी के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पारंपरिक दल मुझसे ईर्ष्या करते हैं क्योंकि मैं एक साधारण परिवार से आता हूं और जनता के कल्याण के लिए अथक परिश्रम कर रहा हूं। इन नेताओं का हमेशा से यही मानना ​​रहा है कि राज्य पर शासन करना उनका दैवीय अधिकार है, इसीलिए वे यह बात पचा नहीं पा रहे हैं कि एक आम आदमी कुशलतापूर्वक राज्य का संचालन कर रहा है। उन्होंने लंबे समय तक जनता को मूर्ख बनाया है, लेकिन अब लोग उनके भ्रामक प्रचार से प्रभावित नहीं हो रहे हैं।”

अकाली नेतृत्व पर जमकर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “अकाली नेतृत्व, जिसने पूरे राज्य में घोर दुराचार किया है, जिसने अपने अपराधियों से संबंधित सबूतों को नष्ट किया है, जिसने अन्य पापों के साथ-साथ निर्दोषों पर गोली चलाने का आदेश दिया है, वह राज्य में फिर से सत्ता में आने के लिए बेताब है।”

उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से अकाली नेतृत्व भाजपा नेतृत्व के साथ हाथ मिलाकर राज्य को लूटने की भीख मांग रहा है, लेकिन पंजाब की समझदार जनता एक बार फिर उन्हें नकार देगी। उन्होंने कहा, “राज्य की समझदार जनता उन्हें फिर से सत्ता से बाहर कर देगी। पंजाब के लोग अकाली और भाजपा को राज्य और उसकी जनता के प्रति उनके पापों के कारण राजनीतिक रूप से भुला देंगे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य में लगातार मिल रही हार से परेशान होकर अकाली अब धर्म का दुरुपयोग कर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “वे श्री हजूर साहिब में सुखबीर पर हुए हमले से सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रहे हैं। वे वास्तव में पंजाब और यहां की जनता के खिलाफ किए गए अपने पापों का फल भुगत रहे हैं और जनता उन्हें कभी माफ नहीं कर सकती।”

विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “कुछ नेता राहुल के कोटे से हैं, कुछ मोदी के कोटे से और कुछ अमित शाह के कोटे से, जबकि मैं आम आदमी के कोटे से हूं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने कई जनहितकारी योजनाएं शुरू की हैं, जिसके कारण पंजाब के लोग उनकी सरकार को पसंद करते हैं। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने कई जनहितकारी योजनाएं शुरू की हैं, जिसके कारण राज्य के लोग मुझे प्यार करते हैं। मैं जनता को आगाह करता हूं कि अगर कोई दूसरी पार्टी सत्ता में आती है, तो वे मेरी सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं को बंद कर देंगे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की समझदार जनता ने उन नेताओं को पहले ही नकार दिया है जो सत्ता में रहते हुए आलीशान घरों में रहे और जनता की कभी परवाह नहीं की। उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने 25 साल तक राज्य पर शासन करने का दावा किया था, उन्हें जनता ने राजनीतिक रूप से भुला दिया है। वे एक समिति गठित करने के लिए पांच सदस्य भी नहीं जुटा पा रहे हैं। राज्य की समझदार और साहसी जनता ने ऐसे कुटिल और अभिमानी नेताओं को उनके कुकर्मों का करारा सबक सिखाया है।”

कांग्रेस पार्टी में चल रही आंतरिक कलह पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, “जहां वे अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए सत्ता हथियाने में लगे हैं, वहीं राज्य सरकार जनता के कल्याण के लिए अथक परिश्रम कर रही है। इन अवसरवादी नेताओं की तुलना में हम आपस में नहीं लड़ते, बल्कि रंगला पंजाब बनाने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की असली लड़ाई पंजाब के कल्याण और प्रगति के लिए है। उन्होंने कहा, “राज्य की लड़ाई गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लिए है। सत्ता के लालच में कांग्रेस नेता एक-दूसरे से सहमत नहीं हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पास जनता और राज्य के लिए कोई दूरदृष्टि नहीं है और उसका एकमात्र उद्देश्य सत्ता हथियाना और पंजाब की संपत्ति लूटना है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा, “उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे। कांग्रेस पार्टी एक विभाजित घर है जो आपसी कलह के कारण ढह जाएगा।”

उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जो आपस में लड़ रहे गुटों को एकजुट करने आए थे, वे खुद उन नेताओं के नामों का उच्चारण करना भी नहीं जानते थे, जिनके बीच वे सुलह कराने की कोशिश कर रहे थे।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कांग्रेस और अकाली दल वो दीमक थे जिन्होंने आजादी के बाद राज्य को बर्बाद कर दिया, जिसके कारण पंजाब प्रगति के पथ पर पिछड़ गया। इन पार्टियों के नेता कभी एक-दूसरे के खिलाफ नहीं बोलते, लेकिन मेरे खिलाफ रोजाना जहर उगलते हैं क्योंकि मैंने जनता के सामने उनका पर्दाफाश कर दिया है। ये वो गद्दार हैं जो कभी पंजाब और उसकी जनता के प्रति वफादार नहीं रहे।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार जन कल्याण के लिए राज्य के खजाने के एक-एक पैसे का सर्वोत्तम उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा, “राज्य के 90% से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। किसानों को भी आज दिन में बिजली मिल रही है, जो अभूतपूर्व है। जनता का कर धन राज्य का है और इसे उनके कल्याण के लिए विवेकपूर्ण तरीके से खर्च किया जा रहा है। जनता का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से जनता तक वापस पहुंच रहा है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने घरों को मुफ्त बिजली मुहैया कराई है, भ्रष्टाचार मुक्त तरीके से 70,000 से अधिक युवाओं को रोजगार दिया है, सड़कों में सुधार किया है, टोल प्लाजा बंद करके प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत की है, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा प्रदान की है और बुनियादी ढांचे का निर्माण किया है। इसके अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण पहलें भी की गई हैं। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार गांवों के विकास के लिए अथक प्रयास कर रही है, जिसके लिए अनुदान दिए जा रहे हैं। युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए राज्य में 3,100 खेल स्टेडियमों का निर्माण किया जा रहा है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है। इसके तहत पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का नकद चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा, “यह अत्यंत गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब इस तरह की व्यापक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने वाला पहला भारतीय राज्य है। इससे जनता पर वित्तीय बोझ काफी कम हुआ है और साथ ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ भी सुनिश्चित हुई हैं। इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य राज्य के सभी परिवारों को सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना है। अब तक लोगों ने मुफ्त उपचार का लाभ उठाया है।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि मावन धीयां सत्कार योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक महिला लाभार्थी को 1 जुलाई से 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा, “धन सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित किया जा रहा है और सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएं भी इसके लिए पात्र होंगी। पंजाब में लगभग 97% महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है और राज्य सरकार ने बजट में 9,300 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।”

इस पहल को एक बड़ी सामाजिक क्रांति बताते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा, “यह विश्व भर में देखी जा रही सबसे बड़ी सामाजिक क्रांति है और अपनी तरह की पहली योजना है। इस कल्याणकारी योजना का विश्व भर में शायद ही कोई समानांतर उदाहरण है, जहां महिलाओं को वित्तीय सहायता के माध्यम से सशक्त बनाया जा रहा है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब तक 70.92 लाख महिला लाभार्थियों को राज्य सरकार से लाभ मिल चुका है, जबकि हाल ही में पंजीकृत 5.20 लाख लाभार्थियों को अब 181.50 करोड़ रुपये मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी है और लोगों के जीवन को बदलने के लिए अभूतपूर्व पहल की हैं। उन्होंने कहा, “राज्य में कोई भी मुफ्त सहायता या रियायती कार्ड गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को दूर नहीं कर सकता, बल्कि शिक्षा ही वह कुंजी है जो लोगों के जीवन स्तर को बढ़ाकर उन्हें इस दुष्चक्र से बाहर निकाल सकती है। इसी कारण मेरी सरकार आम लोगों को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए अथक प्रयास कर रही है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों, प्रतिष्ठित विद्यालयों और अन्य पहलों सहित राज्य सरकार के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब ने शिक्षा के क्षेत्र में केरल और अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।

सरकारी स्कूलों के प्रदर्शन में आए सुधार पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “2021 में सरकारी स्कूलों के केवल 80 छात्रों ने प्रतिष्ठित NEET परीक्षा उत्तीर्ण की थी, लेकिन इस वर्ष 2026 में यह संख्या 11 गुना बढ़कर 882 हो गई है। यही हमारे शासन का उन अन्य शासनों से अंतर है, जिन्होंने कभी भी स्कूल और शिक्षा क्षेत्र की परवाह नहीं की।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य के इतिहास में पहली बार नहर का पानी 1,587 गांवों के खेतों तक पहुंचा है, जहां पहले कभी नहर का पानी नहीं पहुंचा था। यह गर्व की बात है कि राज्य सरकार ने नहर का पानी हर खेत तक पहुंचाने के लिए 7,200 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। मेरे कार्यभार संभालने के बाद नहर सिंचाई के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र 26% से बढ़कर 80% हो गया है। 2022 में केवल 20.89 लाख एकड़ भूमि को नहर का पानी मिलता था, जबकि आज नहर सिंचाई 60.30 लाख एकड़ भूमि तक पहुंच चुकी है।”

उन्होंने कहा कि राज्य के निवासियों की सुविधा के लिए 45,000 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण और उन्नयन किया जा रहा है।

इस अवसर पर लोकसभा सांसद मलविंदर सिंह कांग और अन्य लोग भी उपस्थित थे।

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