जल जीवन मिशन की जनपद अयोध्या की प्रगति पर सीडीओ ने की समीक्षा

जल जीवन मिशन में गुणवत्ता और पारदर्शिता में कोई भी ढिलाई न हो – कृष्ण कुमार सिंह
बलराम मौर्य / बालजी हिन्दी दैनिक
अयोध्या l जल जीवन मिशन के अंतर्गत जनपद अयोध्या में संचालित पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु आज कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी श्री कृष्ण कुमार सिंह ने की। बैठक में अधिशासी अभियंता जल निगम, पीएचईडी, पंचायती राज विभाग, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि, तकनीकी सलाहकार एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य विकास अधिकारी ने “हर घर नल से जल” योजना के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु चल रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह योजना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है, अतः सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण हों तथा गुणवत्ता और पारदर्शिता में कोई भी ढिलाई न हो। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में योजना की साप्ताहिक समीक्षा की जाए। जिन स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने, ओवरहेड टैंक निर्माण अथवा अन्य कार्य अधूरे हैं, वहां शीघ्र कार्य पूरा कराते हुए भौतिक सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। कार्यों में यदि किसी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित संस्था अथवा अधिकारी पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत आगामी 15 दिनों के भीतर पूर्ण कराई जाए, अन्यथा संबंधित संस्था के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाएगी।
बैठक में अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में जनपद की 120 योजनाओं में संचालन एवं अनुरक्षण (O&M) प्रारंभ हो चुका है तथा अगले माह 50 और योजनाओं को O&M में लेने का लक्ष्य निर्धारित है। जहां कहीं भी पम्प हाउस का निर्माण पूर्ण हो चुका है, वहां तत्काल जलापूर्ति प्रारंभ करने तथा जल आपूर्ति में क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। Implementing Support Agency (ISA) को निर्देशित किया गया कि वे लाभार्थियों से जल उपभोक्ता शुल्क (Water User Charges) की वसूली में तेजी लाएं और जनजागरूकता गतिविधियों को बढ़ाएं। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिशासी अभियंता, जल निगम को निर्देशित किया कि वे सभी लंबित एनएच (NH) से संबंधित एनओसी (NOC) को शीघ्र क्लियर कराएं एवं जिन योजनाओं में भूमि विवाद या लंबित भूमि की समस्या है, उन्हें संबंधित उप जिलाधिकारी (SDM) से समन्वय स्थापित कर शीघ्र निराकृत कराए l मुख्य विकास अधिकारी ने यह भी कहा कि योजनाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु आमजन से फीडबैक अनिवार्य रूप से लिया जाए।





