श्री हरि मंदिर में दिव्य गीता सत्संग आज विश्राम हुआ

बरेली। श्री हरि मंदिर मॉडल टाऊन में परम पूज्य गीता मनीषी परम पूज्य श्री ज्ञानानंद जी महाराज के पधारने मंदिर प्रबंध समिति अध्यक्ष सुशील अरोरा वा सचिव रवि छाबड़ा वा अन्य द्वारा मालार्पण किया गया। पूज्य महाराज जीने अपनी दिव्य एवं ओजस्वी वाणी से बहुत ही सरलता की भाषा में भक्तजनों पर अपनी अमृतवाणी की बौछार सत्संग के माध्यम से की। आज सुबह के सत्र में पूज्य महाराज जी ने ध्यान योग शिविर में अपनी करुणामई कृपा बरसाते हुए भक्तों तो निहाल कर दिया और बताया की कैसे स्वस्थ,सुखी, सम्मानित जीवन बिताते हुए सत्संग वा गीता के माध्यम से ईश्वर प्राप्ति कर सकते है।
दोपहर के सत्र में महाराज जी ने गीता ग्रन्थ की अदभुत व्याख्या करते हुए बताया कि तृतीय दिवस शाम।के सत्र में महाराज ने अपने उदगार विकट करते हुए कहा कि भगवान कृष्ण अर्जुन की मनोभावना का आदर करते हुए सारथी बने है। अर्जुन ने अपने रथ के सारथी श्री कृष्ण से कहा कि युद्ध के प्रारंभ होने से पूर्व ईसा उपहार दिया जाए जो समस्त मानवता के लिया उपयोगी हो जाए।
व्यास पीठ पर मंदिर अध्यक्ष सुशील अरोरा,सचिव रवि छाबड़ा,डॉ बलराम अरोड़ा,संजय आनन्द, गोविन्द तनेजा,रंजन कुमार,अनिल चड्ढा,जतिन दुआ,अतुल कपूर आदि वा समिति के अन्य सदस्यों को माल्यार्पण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
मंदिर सचिव रवि छाबड़ा ने बताया कि पावन कार्तिक मास में महिला मंडल की सदस्यों द्वारा रोज प्रातः 5.30 बजे से 6.30 बजे तक सभी भगवानों की आरती होती है उसके पाश्चात्य पूज्य पंडित जी द्वारा कार्तिक की कथा एवं महिमा का वर्णन किया जाता है, उपरांत सभी उपस्थित भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। यह पूरे कार्तिक मास तक होगा।





