राज्यहरियाणा

राष्ट्रीय कवि संगम के संस्थापक जगदीश मित्तल पंचतत्व में विलीन, CM सैनी ने दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ प्रचारक, राष्ट्रीय कवि संगम के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष 76 वर्षीय जगदीश मित्तल का निधन हो गया। दिल्ली में अंतिम सांस लेने के बाद शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर उनके जन्मस्थान जगाधरी स्थित रेलवे रोड लाया गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी, साहित्यकार और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे। शाम को बूड़िया चौक स्थित श्मशान घाट में पूर्ण सम्मान के साथ उन्हें पंचतत्व में विलीन कर दिया गया।

राजनेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यक्त किया शोक

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जगाधरी पहुंचकर स्व. जगदीश मित्तल के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और शोक-संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्र और समाज के प्रति उनके अतुलनीय योगदान को याद करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल विज, विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, अनुसूचित जाति आयोग की चेयरमैन बंतो कटारिया, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सपरा, पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवर पाल गुर्जर, मेयर सुमन बहमनी, पूर्व चेयरमैन रामेश्वर चौहान, पूर्व चेयरमैन राम निवास गर्ग और नीता खेड़ा ने भी उनके अंतिम दर्शन कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

जीवन भर राष्ट्र और समाज सेवा में रहे समर्पित

जगाधरी में हरिनारायण मित्तल एवं लाली देवी के घर जन्मे जगदीश मित्तल ने युवावस्था में ही अपना जीवन राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित कर दिया था। आरएसएस प्रचारक के रूप में उन्होंने देशभर में सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना जगाने का कार्य किया। उन्होंने ग्राहक पंचायत हरियाणा के अध्यक्ष, अधिवक्ता परिषद हरियाणा के अध्यक्ष तथा भाजपा हरियाणा के संगठन महामंत्री जैसे कई महत्वपूर्ण दायित्वों को निभाया। इसके साथ ही वे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के महासचिव तथा महाराजा अग्रसेन इंजीनियरिंग कॉलेज के वाइस प्रेसिडेंट भी रहे।

साहित्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान

साहित्य और काव्य जगत में जगदीश मित्तल का सबसे ऐतिहासिक योगदान राष्ट्रीय कवि संगम की स्थापना माना जाता है। उन्होंने देशभर के कवियों को एक साझा मंच प्रदान कर कविता और साहित्य को राष्ट्रनिर्माण एवं सकारात्मक चिंतन का सशक्त माध्यम बनाया। उनकी अंतिम यात्रा में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश कुमार, अग्रसेन विश्वविद्यालय के कुलपति नंद किशोर गर्ग, सुप्रसिद्ध कवि हरिओम पंवार, डॉ. प्रवीण शुक्ल, राजेश चेतन, पीके आजाद, डॉ. कीर्ति काले, डॉ. अशोक बत्रा, सुदीप भोला, रोशन कंसल, कल्पना शुक्ला, शिव कुमार व्यास, अटल नारायण, रसिक गुप्ता, दास आरुही और धर्म सिंह सहित साहित्य और सामाजिक जगत की अनेक हस्तियां शामिल हुईं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button