
पंचकूला। शिक्षक दिवस पर हरियाणा सरकार ने बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र से उच्चतर शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और प्रौद्योगिकी शिक्षा से जुड़े शिक्षक भी राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होंगे।
अभी यह पुरस्कार केवल विद्यालय शिक्षा से जुड़े शिक्षकों को दिया जाता है। नायब सिंह सैनी शनिवार को पंचकूला में आयोजित राज्य शिक्षक सम्मान समारोह संबोधित कर रहे थे। समारोह में मुख्यातिथि हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष, राज्यपाल की धर्मपत्नी मित्रा घोष, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भी उपस्थित रहे।
समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 79 शिक्षकों को सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों को शाॅल, मेडल, प्रमाण पत्र, एक-एक लाख रुपये की सम्मान राशि और दो अग्रिम वेतन वृद्धि प्रदान की गई।
राज्यपाल ने कहा कि आज के शिक्षक का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा करना और परीक्षा परिणाम देना नहीं है। शिक्षक को ज्ञान के साथ-साथ विद्यार्थियों के चरित्र का भी निर्माण करना है। उसे विद्यार्थियों में अनुशासन, ईमानदारी, परिश्रम, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करनी है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पुरस्कार पाने के लिए मंच पर आप भले ही आज आए हैं, लेकिन आपका पुरस्कार उसी दिन तय हो गया था, जिस दिन किसी बच्चे ने आपसे कहा होगा गुरुजी, आपने मेरा जीवन बदल दिया। आज समय तेजी से बदल रहा है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, डिजिटल टेक्नोलॉजी और इंटरनेट ने ज्ञान के अनगिनत द्वार खोल दिए हैं। बच्चे एक क्लिक पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन जानकारी और ज्ञान में अंतर होता है।
मशीन सूचना दे सकती है, पर संस्कार नहीं। एआई पाठ तैयार कर सकती है, लेकिन किसी निराश बच्चे के कंधे पर हाथ रखकर उसमें विश्वास नहीं जगा सकती। यह कार्य केवल शिक्षक कर सकता है। इसलिए तकनीक के युग में शिक्षक की भूमिका कम नहीं हुई है, बल्कि और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के लिए कौशल बिजनेस चैलेंज शुरू किया है। इसके माध्यम से विद्यार्थी अपने नए विचारों को विकसित करके उन्हें स्टार्टअप का रूप दे सकते हैं। चयनित 67 टीमों को एक-एक लाख रुपये तक की प्रारंभिक सहायता दी जा रही है।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि बच्चों को ग्लोबल अवसरों से जोड़ने के लिए 26 स्कूलों में फ्रेंच और जर्मन भाषाएं शुरू की गई हैं। हमारे विद्यार्थी इसरो जा रहे हैं और भविष्य में उन्हें फ्रांस व जर्मनी के शैक्षणिक भ्रमण पर भी भेजा जाएगा।
इस अवसर पर मेयर श्याम लाल बंसल, विद्यालय शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया, महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा जीतेंद्र कुमार, उपायुक्त सतपाल शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे उपस्थित रहे।

