स्वतंत्रता का अर्थ केवल राजनीतिक आजादी नहीं, अराजकता और गरीबी से मुक्ति भी: योगी
1857 का स्वतंत्रता संग्राम बना महत्वपूर्ण पड़ाव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं है, बल्कि अराजकता, पिछड़ेपन, गरीबी, निरक्षरता और असमानता से पूर्ण मुक्ति भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद मुख्यमंत्री ने देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देशवासी जिस स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहे हैं, वह भारत माता के महान सपूतों के बलिदान, तपस्या और शहादत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भारत ने लंबे समय तक विदेशी शासन का सामना किया, लेकिन देशवासियों ने अपने मन और चेतना में कभी गुलामी को स्वीकार नहीं किया।
1857 का स्वतंत्रता संग्राम बना महत्वपूर्ण पड़ाव
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपसी कलह और षड्यंत्रों के कारण भारत को गुलामी का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि पराधीनता के खिलाफ संघर्ष देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग समय पर चलता रहा। वर्ष 1857 का स्वतंत्रता संग्राम इस संघर्ष का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था।
उन्होंने शहीद मंगल पांडेय, रानी लक्ष्मीबाई और धन सिंह कोतवाल सहित स्वतंत्रता आंदोलन के वीरों को याद करते हुए कहा कि बैरकपुर से लेकर झांसी और मेरठ तक आजादी की जो लौ जली, वह आगे चलकर देश के गांव-गांव, जिले और प्रांत तक पहुंची। इसी सामूहिक संघर्ष ने स्वतंत्रता आंदोलन को व्यापक जनांदोलन का स्वरूप दिया।
देश की एकता और अखंडता के लिए सतर्क रहने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद देश को मजबूत और सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। उन्होंने कहा कि देश को बांटने या कमजोर करने का प्रयास करने वाली ताकतों के प्रति सभी को सतर्क रहना होगा।
योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने के प्रयासों को आगे बढ़ाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया।
पुलिस उपनिरीक्षक सुनील कुमार को कीर्ति चक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए भी विशेष महत्व रखता है। उन्होंने बताया कि पहली बार उत्तर प्रदेश के पुलिस उपनिरीक्षक सुनील कुमार को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है।
योगी आदित्यनाथ ने सुनील कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश में कानून का शासन स्थापित करने के संकल्प को निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा को प्रदेश के लिए प्रेरणादायक बताया।
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