सरकार ने नहीं दिया ध्यान, ग्रामीणों ने खुद बना डाली सड़क

रिपोर्ट सनोज मिश्रा
अटरिया-(सीतापुर)- विकासखंड सिधौली क्षेत्र में स्थित शिवपुरी मजरा सरौरा गांव के निवासियों ने एक अद्भुत मिसाल पेश की है। जगह-जगह गहरे गड्ढे और बिखरी हुई गिट्टियों के कारण ग्रामीणों को, खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को, भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बारिश के मौसम में तो यह रास्ता पूरी तरह से दलदल में तब्दील हो जाता था, जिससे गांव का बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग टूट सा जाता था। वर्षों से जर्जर और खस्ताहाल हो चुकी गांव की मुख्य सड़क की मरम्मत के लिए जब उन्हें प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली, तो उन्होंने खुद ही मोर्चा संभाल लिया। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क जर्जर रहने से काफी परेशानी होती है, इसके बाद भी कोई सुनना नहीं चाहता है। ग्रामीण थक-हारकर स्वत: श्रमदान के बदौलत कच्ची सड़क बना डाली है फावड़ा, कुदाल लेकर श्रमदान करते हुए ग्रामीणों ने गांव के करीब 700 मीटर पुराने खड़ंजायुक्त मार्ग को चलने लायक बना दिया है, जिससे अब आवागमन में थोड़ी सहूलियत मिलेगी। ग्रामीणों के इस पहल की जहां सराहना हो रही है, वहीं लोग जिम्मेदारों को कोस रहे हैं। गाँव मे काफी संख्या मे लोग निवास करते है। गाव की जनसंख्या 200 के आसपास है। गांव के लल्लू, राकेश , ललिताप्रसाद ,मनोज, दयाशंकर एव वीरेंद्र के साथ कई अन्य ग्रामीणों ने न सिर्फ आर्थिक सहयोग किया, बल्कि शारीरिक श्रमदान करके भी इस कठिन कार्य को संभव बनाया।





