कला आचार्य प्रदर्शनी संचरण का भव्य समापन, न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने किया कैटलॉग का लोकार्पण

प्रयागराज २७ अक्टूबर
बीके यादव/बालजी दैनिक
उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार तथा राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय “कला आचार्य प्रदर्शनी संचरण” का रविवार को भव्य समापन समारोह संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, वॉश शैली के मूर्धन्य कलाकार माननीय न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने प्रदर्शनी के कैटलॉग का लोकार्पण किया तथा सभी कला आचार्यों को कैटलॉग एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
समारोह की शुरुआत में प्रदर्शनी के संयोजक, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर सचिन सैनी, सलाहकार कल्पना सहाय तथा प्रदर्शनी के संरक्षक व राज्य ललित कला अकादमी के सदस्य रवीन्द्र कुशवाहा ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया।
मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि “कला आचार्य प्रदर्शनी” कला विद्यार्थियों के लिए अमृत सृजन का कार्य करेगी और नवोदित कलाकारों की सृजनात्मक शक्ति को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक केंद्र और ललित कला अकादमी द्वारा संयुक्त रूप से ऐसी प्रदर्शनी आयोजित किया जाना देश में कला के क्षेत्र को नई दिशा और दशा प्रदान करने वाला कदम है।
समारोह में सभी आचार्यों को प्रणाम पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विधि संकाय के डीन प्रो. आदेश कुमार, सांस्कृतिक केंद्र की सलाहकार कल्पना सहाय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर सौमिक नन्दी, वरिष्ठ कलाकार नागेन्द्र श्रीवास्तव, आशुतोष त्रिपाठी, नीरज हिंदुस्तानी, बबीता मौर्य सहित अनेक कला आचार्य उपस्थित रहे।





