छुट्टा गोवंश ने बाजारों को बनाया अपना ठिकाना, दुकानदार परेशान, सड़कों पर दुर्घटना का बढ़ा खतरा

गौ आश्रय स्थलों की देखरेख कागजो तक
संदीप विक्रम सिंह / बालजी हिंदी दैनिक
तारुन, अयोध्या। क्षेत्र में छुट्टा गोवंश की समस्या गंभीर होती जा रही है। यहां गोवंश धर-पकड़ अभियान अभी तक गति नहीं पकड़ सका है। इसके कारण स्थानीय गौ आश्रय स्थलों में पशुओं की संख्या बढ़ने के बजाय दिन-प्रतिदिन घट रही है। तारुन विकासखंड में कुल 09 गोवंश आश्रय स्थल हैं। कुछ ग्राम पंचायतों में नर और मादा पशुओं के लिए अलग-अलग गौ आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इन स्थलों की देखभाल के लिए केयरटेकर भी नियुक्त किए गए हैं। शुक्रवार को पड़ताल के दौरान पाया गया कि तारुन, तकमीनगंज, हैदरगंज, नंसा, आगागंज टिकरी और किछुटी जैसे बाजारों में शाम होते ही छुट्टा गोवंश दिखाई देने लगते हैं। ये पशु दिन में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने के बाद रात में बाजारों की दुकानों के पास अपना ठिकाना बना लेते हैं। सुबह जब दुकानदार अपनी दुकानें खोलने पहुंचते हैं, तो उन्हें वहां फैली गंदगी देखकर परेशानी होती है। सड़कों और बाजारों में घूम रहे इन छुट्टा गोवंशों से दुर्घटना होने का खतरा भी बना रहता है। पंचायत का दावा है कि छुट्टा गोवंश को स्थानीय गौशालाओं में सुरक्षित कर दिया गया है। लेकिन वास्तविकता में इस अभियान के प्रभावी न होने से सबसे अधिक परेशानी खेती पर निर्भर किसानों को हो रही है। उनकी फसलें इन आवारा पशुओं से सुरक्षित नहीं हैं। एडीओ पंचायत हुसैन फारूकी ने बताया कि दुकानदारों ने मौखिक तौर पर शिकायत की है। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।





