
लुधियाना। आज के दिन शहीद भगत सिंह का जन्म हुआ था, एक इंकलाब एक सोच ने जन्म लिया था। आज जो भी मेले लग रहे है उनकी कुर्बानी की देन है। जिस समय भगत सिंह कालेज में पढ़ते थे। उसी समय देश की आजादी में जुट गए थे। भगत सिंह का एक शेयर है इश्क करना सबका पैदाइशी हक है, क्यों न इस बार वतन की सरजमीं को महबूब बना लिया जाए।
देश के लिए कुर्बानी देने वालों को हमेशा याद रखा जाएगा, चाहे एक हजार साल बाद क्यों न हो। यह विचार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने व्यक्त किए।
वह सरकार की तरफ से बलिदानी भगत सिंह के जन्मदिवस पर सोमवार को लुधियाना के पीएयू में आयोजित जश्न ए इंकलाब समारोह में लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सिर्फ अपने परिवार के लिए पैसा कामने वालों को कोई याद नहीं रखता है, देश के लिए कुर्बानी देने वाले हमेशा याद रहते है।
बलिदानी के गांव में जाकर ली थी शपथ
सीएम मान ने कहा आज तक रही सरकारों ने भगत सिंह को कभी याद नहीं किया, अगर किया तो सिर्फ जन्मदिवस पर या किसी अन्य दिन हार डालने तक सीमित रहा। भ्रष्टाचार से देश को लूटने वाले जब उनके गले में हार डालते थे, उन्हें एक बार फिर से फांसी लगती थी।
हमारी सरकार ने आज तक के इतिहास में पहली बार इतना बड़ा समारोह आयोजित किया है, क्योंकि जिस दिन हमारी सरकार बनी थी हमारी सरकार ने शपथ भी बलिदानी के गांव में जाकर ली थी। भगवंत मान ने कहा कि बलिदानी भगत सिंह व उनके साथी भी 90 साल की उम्र भोग सकते थे, लेकिन आज के भ्रष्टाचार और बुराइयां देखकर उनकी आत्मा सोचती होगी इनके लिए कुर्बानी दी।
आजादी के बाद आज भी देख लोग वहीं सीवरेज के ढक्कन, सीवरेज, नालियों तक सीमित है। आज तो बुजुर्ग कहते है कि इस आजादी से तो अंग्रेजों के गुलाम अच्छे थे।
इश्क भी लिखना चाहता हूं इंकलाब लिखा जाता है…
बीते साढ़े चार साल पहले मुझे जिम्मेदारी मिली है। हमारी सरकार ने भगत सिंह की सोच पर काम किया है। इसका नतीजा है कि हमारा प्रदेश शिक्षा में 27 वें नंबर पर था, चार साल में शिक्षा में सुधार किया। जिसका नतीजा है कि केरला को पछाड़ पंजाब आज पहले नंबर पर आ चुका है।
साल 2021 में 80 सरकारी स्कूल बच्चों ने नीट का पेपर क्लियर किया था। इस बार 882 सरकारी स्कूलों के बच्चे नीट में पास हुए हैं। यह सभी गरीब परिवार से संबंधित बच्चे हैं।
सेहत के क्षेत्र में हमारी सरकार ने काम करते 1100 आम आदमी क्लीनिक चल रहे है, 8 करोड़ लोग इसकी सेवाएं ले चुके है। मुफ्ट इलाज के लिए 10 लाख का कार्ड भी हमारी सरकार ने दिया है। मेरा लक्ष्य पंजाब को नंबर बनाना है।
अभी तक हमने काम करना शुरू किया है, बस लोगों का साथ चाहिए। सीएम ने एक शेयर इस कदर वाक्फि हो चुकी है मेरे किरदार से, इश्क भी लिखना चाहता हूं इंकलाब लिखा जाता है। पंजाब को लूटने वालों के हालात सभी देख रहे है, आज उन्हें कोई पूछ तक नहीं रहा है। एक शेयर के साथ संबोधन समाप्त किया, जितने मर्जी इक्कठे कर लो पैसा, हीरे, मोती क्योंकि कफन के जेब नहीं होती।
वरिंदर राणा

