अयोध्याउत्तर प्रदेश

आधुनिक समय में एआई ने मानव जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित किया – डाॅ0 विजयेन्दु चतुर्वेदी

आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस ने मीडिया के हर क्षेत्र में संभावनाओं के द्वार खोले – डाॅ0 योगेन्द्र

पत्रकारिता विभाग में मीडिया में आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस की उपयोगिता विषय पर संगोष्ठी

बलराम मौर्य/ बालजी हिंदी दैनिक
अयोध्या। डाॅ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग में सोमवार को मीडिया में आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस की उपयोगिता विषय पर संगोष्ठी आयोजित हुुई। संगोष्ठी के बतौर मुख्य वक्ता छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ0 योगेन्द्र कुमार पाण्डेय रहे। उन्होंने पत्रकारिता के विद्यार्थियों को बताया कि एआई (आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस) ने मीडिया के हर क्षेत्र में संभावनाओं के द्वार खोले है। समाचार लेखन से लेकर आॅडियो-विजुअल कंटेट के निर्माण, एडिटिंग और अन्य कार्यों में नई ऊंचाइयां प्रदान की है। उन्होंने बताया कि पत्रकारिता अब सिर्फ मानवीय प्रयासों तक सीमित नही रही है बल्कि एआई की सहायता से तथ्यात्मक विश्लेषण, टेड प्रेडिक्शन एवं आडियंस इंगेजमेंट भी कहीं अधिक प्रभावी हो गया है। उन्होंने बताया कि एआई से कई चुनाॅतियां उत्पन्न हुई है। इसके टूल्स से फर्जी समाचार, डीपफेक वीडियो और भ्रामक कंटेंट आसानी से तैयार किए जा सकते है। एआई के उपयोग से मानवीय, दृष्टिकोण, संवेदनशीलता, और नैतिकता की कमी हो सकती है। इसलिए आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस के साथ संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता है ताकि मीडिया लोकतंत्र का चैथा स्तंभ बना रहे। अंत में उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि ईमानदारी से पढाई करें। मीडिया की आज भी वैल्यू है आगे भी रहेगी।

संगोष्ठी में पत्रकारिता के शिक्षक एवं पूर्व समन्वयक डाॅ0 विजयेन्दु चतुर्वेदी ने बताया कि आधुनिक समय में एआई ने मानव जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित किया है। इससे मीडिया भी अछूता नही रहा है। एआई की वजह से मीडिया अधिक तेज, प्रभावी और तकनीकी रूप से सशक्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि एआई मीडिया के लिए वरदान साबित हो सकता है। साथ ही यह गलत सूचना और सामाजिक भ्रम का कारण भी बन सकता है। इसलिए तकनीकी की समझ की आवश्यकता है। कार्यक्रम में अतिथि का स्वागत अंगवस्त्रम भेटकर किया गया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ0 चतुर्वेदी ने किया। इस अवसर पर महिमा, याशनी, सुमन, दयानंद, नावेन्द्र, इंन्द्रजीत, संजय, विनय, अश्वनी, पवन, आदर्श, जितेन्द्र, चन्द्रिका, प्रंशात सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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