
पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने, युवाओं के लिए सरकारी रोजगार बढ़ाने, कानून-व्यवस्था मजबूत करने, सड़क सुरक्षा सुधारने, सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए कई योजनाओं एवं अभियानों को आगे बढ़ाया है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार के अनुसार, इन पहलों का उद्देश्य राज्य में नागरिक सुविधाओं का विस्तार करने के साथ-साथ कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों को मजबूत करना है. सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के कार्डों के वितरण में तेजी लाने के लिए विशेष अभियान शुरू करने का फैसला किया है. वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के तहत राज्य में 100 नए आम आदमी क्लीनिक शुरू किए गए हैं.
33 लाख से अधिक सेहत कार्ड बांटने की तैयारी
राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के कार्डों के वितरण में तेजी लाने के लिए विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है. इसके तहत जल्द ही करीब 33 लाख कार्ड जिलों तक पहुंचने की उम्मीद है. सरकार के मुताबिक, जिलों में पहले से करीब 31 लाख कार्ड उपलब्ध हैं, जबकि लगभग दो लाख और कार्ड जल्द उपलब्ध होने की संभावना है. कार्डों को पात्र लाभार्थियों तक तेजी से पहुंचाने के लिए राज्य में 2,008 गांवों और वार्डों की पहचान की गई है. इन स्थानों पर विशेष वितरण शिविर लगाए जाएंगे. ऐसे गांवों और वार्डों का चयन किया गया है जहां 400 या उससे अधिक पात्र लाभार्थी हैं. सरकार का लक्ष्य है कि इन शिविरों के जरिए एक साथ बड़ी संख्या में लोगों को स्वास्थ्य योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए. सरकार के अनुसार, शिविरों की जानकारी पहले से लाभार्थियों को दी जाएगी. आशा वर्कर, आशा फैसिलिटेटर, स्वास्थ्य मित्र और अन्य संबंधित कर्मचारी लोगों को शिविरों तक लाने और अधिक से अधिक लाभार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने में भूमिका निभाएंगे. जिन इलाकों में पात्र लाभार्थियों की संख्या 400 से कम है, वहां कार्ड की डोर-टू-डोर डिलीवरी की मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी. शिविरों में वितरण के बाद जो कार्ड बच जाएंगे, उन्हें भी लाभार्थियों के घर तक पहुंचाया जाएगा. सरकार ने वितरण प्रक्रिया में लगे आशा वर्करों और आशा फैसिलिटेटर्स के लिए प्रोत्साहन राशि का भी प्रावधान किया है. आशा वर्करों को वितरित किए गए प्रत्येक कार्ड के लिए 10 रुपये और आशा फैसिलिटेटर्स को प्रति कार्ड दो रुपये का इंसेंटिव दिया जाएगा.
1090 आम आदमी क्लीनिक, मुफ्त दवाएं और जांच
स्वास्थ्य क्षेत्र में पंजाब सरकार ने राज्यभर में 100 नए आम आदमी क्लीनिक शुरू किए हैं. इसके साथ ही राज्य में ऐसे क्लीनिकों की कुल संख्या 1,090 हो गई है. सरकार का कहना है कि इन क्लीनिकों का उद्देश्य लोगों को उनके घर के नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है. इन क्लीनिकों में 107 आवश्यक दवाइयां और 47 प्रकार के लैब टेस्ट मुफ्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था है. प्रत्येक क्लीनिक में मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी तैनात किए गए हैं. मरीजों के पंजीकरण, जांच, उपचार और दवाओं के वितरण के लिए आईटी आधारित स्वास्थ्य प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है. क्लीनिकों में गर्भवती महिलाओं के लिए मुफ्त प्रसवपूर्व देखभाल, कुत्ते के काटने के मामलों का उपचार, परिवार नियोजन सेवाएं और हाइपरटेंशन तथा डायबिटीज जैसे गैर-संचारी रोगों की जांच एवं उपचार भी शामिल हैं. सरकार का कहना है कि नए क्लीनिकों से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का नेटवर्क और मजबूत होगा तथा लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा.
1,234 गैंगस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़, नशा तस्करी पर कार्रवाई
कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर पंजाब सरकार ने गैंगस्टरों, नशा तस्करों और शांति एवं सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले तत्वों के खिलाफ अभियान तेज करने की बात कही है. सरकार के अनुसार, संगठित अपराध के खिलाफ चलाए गए अभियान में पंजाब पुलिस ने 1,234 गैंगस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. सरकार के मुताबिक, विदेशों में मौजूद 10 भगोड़े अपराधियों को डिपोर्ट भी कराया गया है. नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के तहत अब तक 60,582 एफआईआर दर्ज की गई हैं. इसके अलावा अवैध नशा कारोबार में शामिल लोगों की करीब 366 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है. सीमा पार से होने वाली तस्करी और अन्य सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए पंजाब पुलिस को हाई-टेक एंटी-ड्रोन सिस्टम से लैस किया गया है. सरकार का कहना है कि इन तकनीकों के माध्यम से सीमा पार से आने वाले खतरों और अवैध गतिविधियों पर निगरानी मजबूत करने में मदद मिलेगी. सुरक्षा व्यवस्था में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए करीब 1.5 लाख लोगों को शामिल करते हुए विलेज डिफेंस कमेटियों यानी ग्राम रक्षा समितियों के गठन की भी जानकारी दी गई है.
80 फीसदी खेतों तक पहुंचा नहरी पानी, 100 फीसदी का लक्ष्य
कृषि और जल प्रबंधन के क्षेत्र में पंजाब सरकार ने राज्य के हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के अनुसार, फिलहाल करीब 80 प्रतिशत खेतों तक नहरी पानी पहुंच चुका है और सरकार इसे बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने की दिशा में काम कर रही है. सरकार के मुताबिक, राज्य में करीब 14,000 किलोमीटर लंबा नहरी पानी पाइपलाइन नेटवर्क तैयार किया गया है. इसके साथ ही खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए खालों और वाटरकोर्स का निर्माण किया जा रहा है. बंद पड़ी नहरों को दोबारा चालू करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं. सरकार का कहना है कि नहरी पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसानों को सिंचाई के लिए अधिक भरोसेमंद जल स्रोत मिलेगा और भूजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी. पंजाब में कृषि के लिए भूजल पर लंबे समय से निर्भरता रही है. ऐसे में नहरी नेटवर्क के विस्तार को जल संरक्षण और टिकाऊ कृषि से जोड़कर देखा जा रहा है. गांवों के विकास को गति देने के लिए छह ग्राम पंचायतों को 20-20 लाख रुपये की राशि के चेक भी दिए गए हैं. सरकार के अनुसार, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और सिंचाई सुविधाओं में निवेश से कृषि गतिविधियों को समर्थन मिलेगा.
पराली प्रबंधन और स्वच्छ तकनीक पर उद्योग के साथ सहयोग
पंजाब सरकार ने फसल अवशेषों के टिकाऊ प्रबंधन और औद्योगिक विकास के लिए उद्योग जगत के साथ सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में पराली प्रबंधन, स्वच्छ तकनीक, संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और जलवायु परिवर्तन से निपटने जैसे मुद्दों पर चर्चा की. मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए किफायती और प्रभावी समाधान विकसित करने के लिए सरकार और उद्योग के साथ मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया. विशेष रूप से मालवा क्षेत्र, संगरूर और बरनाला में फसल अवशेष प्रबंधन को तेज करने पर बल दिया गया. सरकार का कहना है कि तकनीक आधारित समाधान पंजाब में प्रदूषण की समस्या से निपटने में मदद कर सकते हैं. बैठक में बागवानी क्षेत्र में ज्ञान और तकनीक के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने CII एग्रो टेक इंडिया 2026 के तहत ‘वर्ल्ड हॉर्टिकल्चर सेंटर’ के भारत दौरे के लिए सहयोग का भरोसा दिलाया. औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति को भी अहम बताया गया. सरकार ने कारोबार में आसानी को बेहतर बनाने और उद्योगों के सामने आने वाली बाधाओं को दूर करने की प्रतिबद्धता दोहराई.
लुधियाना में 65 करोड़ रुपये का सीबीजी प्लांट
पंजाब सरकार ने कचरे को संसाधन में बदलने की दिशा में लुधियाना के हैबोवाल में 65 करोड़ रुपये की लागत वाले कंप्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) प्लांट की शुरुआत की है. यह परियोजना डेयरी कॉम्प्लेक्स से रोजाना निकलने वाले करीब 300 टन पशु गोबर का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण करेगी. करीब 2.5 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस प्लांट से रोजाना लगभग पांच टन सीबीजी और जैविक खाद के उत्पादन का लक्ष्य है. सरकार के अनुसार, यह परियोजना बुड्ढा नाला में पशु अपशिष्ट पहुंचने और सीवरेज व्यवस्था पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद कर सकती है. ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ मिशन के तहत परियोजना से 435 डेयरी मालिकों के लिए आय के नए अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है. प्लांट को सितंबर 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार का कहना है कि रोजाना 300 टन गोबर का वैज्ञानिक निपटान जल संसाधनों की सुरक्षा, टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मदद करेगा. पशु अपशिष्ट से सीबीजी और जैविक खाद तैयार होने से कचरे को आर्थिक संसाधन में बदलने की कोशिश की जा रही है.
सड़क सुरक्षा फोर्स को पांच मिनट में दुर्घटनास्थल पर पहुंचने का लक्ष्य
सड़क दुर्घटनाओं में तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए पंजाब सरकार ने सड़क सुरक्षा फोर्स को दुर्घटनास्थल पर पांच मिनट के भीतर पहुंचने के लिए अनिवार्य किया है. इसका उद्देश्य दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में पीड़ितों को चिकित्सा सहायता और आपातकालीन मदद उपलब्ध कराना है. सरकार के अनुसार, सड़क सुरक्षा पहल लागू होने के बाद सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में कमी दर्ज की गई है. सड़क सुरक्षा फोर्स में महिला कर्मियों की भागीदारी भी बढ़ाई गई है. इससे सड़क सुरक्षा और प्रवर्तन जैसे परिचालन क्षेत्रों में महिलाओं की भूमिका बढ़ी है. फोर्स के वाहनों में कैमरे, वीडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम और अन्य तकनीकी उपकरण लगाए गए हैं. सरकार के मुताबिक, इनसे वास्तविक समय में निगरानी, परिचालन संबंधी जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलती है. इस व्यवस्था का फोकस दुर्घटना के बाद प्रतिक्रिया समय घटाने के साथ-साथ तकनीक के इस्तेमाल से सड़क सुरक्षा व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने पर है.
युवाओं के लिए 70 हजार से अधिक सरकारी नौकरियों का दावा
रोजगार के क्षेत्र में पंजाब सरकार ने विभिन्न विभागों में भर्ती के जरिए युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के अवसर बढ़ाने की जानकारी दी है. मुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, राज्य सरकार ने युवाओं को 70,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं. सरकार के अनुसार, इन भर्तियों में मेरिट को आधार बनाया गया और राजनीतिक सिफारिश या आर्थिक लेन-देन के बिना नियुक्तियां करने की बात कही गई है. सरकार का कहना है कि भर्ती अभियान का उद्देश्य युवाओं को पंजाब में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें राज्य के विकास से जोड़ना है. सरकारी विभागों में नियुक्तियों के अलावा रोजगार सृजन पर जोर को भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है. सरकार का कहना है कि युवाओं के लिए स्थिर करियर के अवसर बढ़ने से सार्वजनिक सेवाओं की क्षमता भी मजबूत होगी.
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 की मेजबानी करेगा पंजाब
पंजाब पहली बार हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 की मेजबानी करेगा. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एशियन हॉकी फेडरेशन के अधिकारियों की मौजूदगी में टूर्नामेंट के लोगो का अनावरण किया. प्रतियोगिता 27 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक पंजाब में आयोजित की जाएगी. टूर्नामेंट के लीग चरण के मुकाबले जालंधर में खेले जाएंगे, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मोहाली में आयोजित किए जाएंगे. प्रतियोगिता के आयोजन के लिए राज्य सरकार ने 25.40 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की है. सरकार के मुताबिक, सभी मुकाबलों में दर्शकों के लिए प्रवेश मुफ्त रखा गया है. इसका उद्देश्य युवाओं और हॉकी प्रेमियों की भागीदारी बढ़ाना है. पंजाब की हॉकी से जुड़ी ऐतिहासिक भूमिका को देखते हुए इस आयोजन को राज्य की खेल विरासत के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया जा रहा है. पंजाब से भारतीय हॉकी के कई प्रमुख खिलाड़ी निकले हैं. ऐसे में राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता की मेजबानी से स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को बड़े मंच से जुड़ने का अवसर मिलने की उम्मीद है.
सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे और आधुनिक शिक्षण पर जोर
शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार, शिक्षकों के प्रशिक्षण और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने की बात कही है. सरकार का कहना है कि इन पहलों से सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का भरोसा बढ़ा है. सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब ने राष्ट्रीय स्तर पर 27वें स्थान से पहले स्थान तक पहुंचने की उपलब्धि हासिल की है. यह दावा राज्य की शिक्षा व्यवस्था में किए गए सुधारों के संदर्भ में किया गया है. सरकार के मुताबिक, इस वर्ष सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों ने नीट परीक्षा पास की, जबकि 125 से अधिक छात्रों ने जेईई मेन में सफलता हासिल की. शिक्षकों को विदेशों में प्रशिक्षण दिए जाने और स्कूलों में आधुनिक शैक्षणिक वातावरण विकसित करने पर भी जोर दिया गया है. सरकार का कहना है कि बेहतर बुनियादी सुविधाओं और शैक्षणिक माहौल के कारण कुछ विद्यार्थी निजी स्कूलों के बजाय सरकारी स्कूलों की ओर भी रुख कर रहे हैं. शिक्षा क्षेत्र की इन पहलों को राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की व्यापक रणनीति से जोड़ा गया है.
स्वास्थ्य से लेकर पर्यावरण तक बहु-क्षेत्रीय योजनाओं पर जोर
पंजाब सरकार की ओर से साझा की गई इन पहलों को देखें तो राज्य में स्वास्थ्य, कृषि, कानून-व्यवस्था, पर्यावरण, उद्योग, रोजगार, सड़क सुरक्षा, शिक्षा और खेल जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में समानांतर योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है. स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ओर मुख्यमंत्री सेहत योजना के करोड़ों कार्डों के वितरण को तेज करने की तैयारी है, तो दूसरी ओर आम आदमी क्लीनिकों के विस्तार के जरिए प्राथमिक चिकित्सा सेवाओं का दायरा बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. कृषि क्षेत्र में नहरी पानी का नेटवर्क बढ़ाने और 100 प्रतिशत खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही पराली प्रबंधन और स्वच्छ तकनीक के जरिए कृषि से जुड़े पर्यावरणीय दबाव को कम करने के लिए उद्योग जगत के साथ सहयोग की बात कही गई है. लुधियाना में सीबीजी प्लांट जैसी परियोजनाओं के जरिए पशु अपशिष्ट को ऊर्जा और जैविक खाद में बदलने का प्रयास किया जा रहा है. वहीं, सड़क सुरक्षा फोर्स के लिए पांच मिनट की प्रतिक्रिया सीमा और तकनीकी निगरानी व्यवस्था दुर्घटनाओं के बाद त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में उठाया गया कदम है. कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर सरकार ने गैंगस्टर मॉड्यूल के खिलाफ कार्रवाई, नशा तस्करों पर एफआईआर और संपत्ति जब्ती तथा एंटी-ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल के आंकड़े साझा किए हैं. ग्राम रक्षा समितियों के माध्यम से स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने का भी दावा किया गया है. शिक्षा और रोजगार के मोर्चे पर सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे, शिक्षकों के प्रशिक्षण और प्रतियोगी परीक्षाओं में छात्रों की सफलता को रेखांकित किया गया है. वहीं 70 हजार से अधिक सरकारी नौकरियों का आंकड़ा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के सरकार के दावे को सामने रखता है. खेल के क्षेत्र में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी पंजाब की हॉकी विरासत के साथ अंतरराष्ट्रीय आयोजन को जोड़ती है. जालंधर और मोहाली में होने वाले मुकाबलों के जरिए राज्य को अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता के आयोजन का अवसर मिलेगा. इन सभी पहलों में सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, कृषि और जल संसाधनों को मजबूत करने, पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने, युवाओं को रोजगार देने और सार्वजनिक सेवाओं में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है. हालांकि, इन योजनाओं के दीर्घकालिक प्रभाव का आकलन उनके क्रियान्वयन, वास्तविक लाभार्थी पहुंच और निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति के आधार पर किया जा सकेगा.

