मरकजी कमेटी जुलूसे मोहम्मदी की अंजुमनों के साथ मीटिंग

जुलूसे मोहम्मदी के भव्य आयोजन की तैयारी के सिलसिले में विचार विमर्श किया गया
प्रशासनिक गाइडलाइंस के पालन की अपील – हाजी मुजीब अहमद
फॉग और रवाइस पटाखे आदि पर पाबंदी लगाने की भी अपील अंजुमनो से की गई
रिपोर्ट कौशिक पाण्डेय
सीतापुर(ब्यूरो) आगामी 5 सितंबर को निकाले जाने वाले जुलूस-ए-मोहम्मदी की तैयारियां शहर में ज़ोरों पर हैं। इसको लेकर शनिवार को शहर की मरकज़ी कमेटी की तरफ से एक महत्वपूर्ण अंतिम मीटिंग आयोजित की गई, जिसमें शहर की सभी अंजुमनों के प्रतिनिधि शामिल हुए और विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
मीटिंग में मरकज़ी कमेटी के सदर हाजी मुजीब अहमद ने सभी अंजुमनों से अपील की कि जुलूस को हमेशा की तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित और प्रशासन की गाइडलाइंस के अनुसार ही निकाला जाए। उन्होंने कहा,
“जुलूस-ए-मोहम्मदी हमारा धार्मिक और सामाजिक संदेश देने वाला आयोजन है, इसलिए इसमें अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी है। हर साल की तरह इस साल भी जुलूस अमन-चैन और भाईचारे के साथ निकाला जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा कि सभी अंजुमनों को प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। लाउडस्पीकर की आवाज़ पर नियंत्रण रखने की हिदायत देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि 2 से 4 पेटी से ज्यादा साउंड सिस्टम का उपयोग न किया जाए। साथ ही, सभी मोहल्लों में सबीले लगाने और हर अंजुमन से कम से कम 2-2 वॉलंटियर्स की टीम तैयार करने के निर्देश दिए, जो जुलूस के दौरान भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएंगे।
मीटिंग में यह भी निर्णय लिया गया कि जुलूस मोहल्ला कोट से उठाया जाएगा, और शहर की सभी बड़ी और छोटी अंजुमनें जुलूस में शामिल होकर एकजुटता का परिचय देंगी। जुलूस के दौरान सुरक्षा, सफाई और अन्य व्यवस्थाओं के लिए सभी वालंटियर्स को मिलकर काम करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बैठक में बतौर सरपरस्त कारी सलाहुद्दीन और मुन्ना पहलवान मौजूद रहे, जिन्होंने भी सभी अंजुमनों से शांति, अनुशासन और आपसी सहयोग बनाए रखने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन जनरल सेक्रेट्री इकबाल अहमद ने किया।
इस दौरान नायाब सदर मो. इम्तियाज खान, नायाब सदर अब्दुल कय्यूम अंसारी, जॉइंट सेक्रेटरी आफताब अंसारी, सरताज खान, सेक्रेटरी नुरुल हक खान, अफताब इकबाल, जुलूस कंट्रोलर मोहम्मद शमीम बेग, मोहम्मद नबी उर्फ मूल्हे, कारी असद साहब, मुमताज गाजी, मोहम्मद नेहाल, पप्पू अंसारी, जफर आलम अंसारी, तलहा अंसारी सहित कई अन्य सदस्य भी मौजूद रहे और तैयारियों को लेकर अपने सुझाव दिए।
मीटिंग के अंत में सभी सदस्यों ने यह संकल्प लिया कि इस वर्ष भी जुलूस-ए-मोहम्मदी को अनुशासन, भाईचारे और आपसी एकता के साथ सफल बनाया जाएगा, ताकि सीतापुर शहर की पहचान शांति और आपसी भाईचारे के प्रतीक के रूप में बनी रहे।





