अयोध्याउत्तर प्रदेश

सूक्ष्म जीव मिट्टी और पौधों के स्वास्थ्य को कई तरह से बनाते हैं बेहतर: प्रो आदेश कुमार

सूक्ष्म जीव मृदा-जनित रोगों को करते नियंत्रित: प्रो शैलेंद्र कुमार

बलराम मौर्य/ बालजी हिन्दी दैनिक
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग एवं माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसाइटी, इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में स्वर्गीय प्रो.नंदन सिंह धर्मवाल स्मृति व्याख्यान का आयोजन सूक्ष्म जीवों का कृषि और पर्यावरण संरक्षण में महत्व विषय पर किया गया।
मुख्य वक्ता के तौर पर आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज प्रो. आदेश कुमार ने कहा कि सूक्ष्मजीवों का कृषि के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। ये अदृश्य जीव किसानों के लिए एक आवश्यक संसाधन हैं, क्योंकि वे मिट्टी और पौधों के स्वास्थ्य को कई तरह से बेहतर बनाते हैं। फसल उत्पादन और मिट्टी की इनसे उर्वरता बढ़ती है। प्रो. कुमार ने बताया कि जैव उर्वरक के रूप में नाइट्रोजन स्थिरीकरण राइजोबियम जैसे जीवाणु वायुमंडल की मुक्त नाइट्रोजन को ऐसे रूपों ( अमोनिया) में बदलते हैं जिन्हें पौधे सीधे अवशोषित कर सकते हैं। यह रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता को कम करता है। कुछ सूक्ष्म जीव जैसे फॉस्फेट घुलनशील जीवाणु मिट्टी में मौजूद अघुलनशील फॉस्फोरस, पोटेशियम और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों को घुलनशील बनाकर पौधों को आसानी से उपलब्ध कराते हैं। प्रो. शैलेन्द्र कुमार ने कृषि एवं सूक्ष्म जीव विज्ञानी प्रो. धर्मवाल के कृषि विकास में सूक्ष्मजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के योगदान को भुलाया लाया नहीं जा सकता। प्रो धर्मवाल 1993 तक आचार्य नरेंद्र देव कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में अपनी सेवाएं दी थी। प्रो. शैलेंद्र ने कहा कि कुछ सूक्ष्म जीव प्राकृतिक रूप से पौधों में रोग पैदा करने वाले हानिकारक रोगाणुओं और कीटों को नियंत्रित करने में सक्षम होते हैं। ट्राइकोडर्मा कवक मृदा-जनित रोगों को नियंत्रित करता है, और बेसिलस थुरिंजियेंसिस जीवाणु जैविक कीटनाशक के रूप में उपयोग होता है। उन्होंने बताया कि कुछ सूक्ष्म जीव पौधों की जड़ों और शाखाओं के विकास को बढ़ावा देने वाले हार्मोन का उत्पादन करते हैं, जिससे पौधों का समग्र स्वास्थ्य और उत्पादकता बेहतर होती है। स्मृति व्याख्यान की रूपरेखा एवं स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो० तुहीना वर्मा ने किया। कार्यक्रम का समापन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रंजन सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ. सोनी तिवारी, डॉ आजाद पटेल, डॉ प्रशांत कुमार सिंह, प्रियंका, गरिमा, सुरभि, निवेदिता एवं समस्त छात्र छात्राओ ने प्रतिभाग किया।

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