निर्माण श्रमिकों की कन्याओं के विवाह पर अब ₹1 लाख तक की सहायता

वशिष्ठ मौर्या/बालजी हिन्दी दैनिक
देवरिया। सहायक श्रम आयुक्त स्कन्द कुमार ने बताया कि श्रम विभाग, उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा दिनांक 13 अक्टूबर 2025 को जारी अधिसूचना के अनुसार “कन्या विवाह सहायता योजना” के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता धनराशि में वृद्धि की गई है।
अब पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की पुत्री या पंजीकृत महिला श्रमिक के स्वयं के विवाह पर दी जाने वाली सहायता राशि ₹55,000 से बढ़ाकर ₹65,000 कर दी गई है। वहीं, सामूहिक विवाह की स्थिति में यह राशि ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ केवल उन्हीं श्रमिकों को मिलेगा जो कम से कम 1 वर्ष (365 दिन) से बोर्ड के सदस्य हैं। साथ ही, पुत्री की आयु कम से कम 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष से कम न हो। विवाह संपन्न होने के छह माह के भीतर आवेदन जनसेवा केंद्र या बोर्ड की वेबसाइट के माध्यम से करना होगा।
आवेदन के साथ पुत्री का आधार कार्ड, आयु प्रमाणपत्र (जन्म प्रमाण पत्र/स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट/परिवार रजिस्टर), श्रमिक का श्रमिक कार्ड, राशन कार्ड अथवा परिवार रजिस्टर की प्रति, तथा विवाह पंजीकरण की स्वप्रमाणित प्रति संलग्न करना अनिवार्य है। सभी दस्तावेज स्वप्रमाणित रूप में ऑनलाइन अपलोड किए जाने होंगे।
सहायक श्रम आयुक्त ने बताया कि यदि कोई आवेदक कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर योजना का लाभ प्राप्त करता है, तो उस पर भू-राजस्व की भांति वसूली प्रमाणपत्र जारी कर वसूली की जाएगी।
उन्होंने निर्माण श्रमिकों से अपील की कि वे अपने श्रमिक कार्ड का समय पर नवीनीकरण कराएं ताकि विभाग की अन्य योजनाओं का भी लाभ ले सकें। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए श्रमिक कार्यालय सहायक श्रम आयुक्त, विकास भवन परिसर, देवरिया में किसी भी कार्यदिवस में संपर्क कर सकते हैं।





