काकोरी ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में अनियमितता की जांच के आदेश

जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी को बनाया जांच अधिकारी, पूर्व में हुई जांच में भी सामने आई थीं खामियां
ब्यूरो रिपोर्ट अनूप पाण्डेय
सीतापुर(ब्यूरो)। ग्राम पंचायत काकोरी, विकास खंड मछरेहटा में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितताओं की शिकायत पर जिला प्रशासन ने पुनः जांच के आदेश जारी किए हैं। जिलाधिकारी अभिषेक आनंद ने इस मामले में जिला समाज कल्याण अधिकारी, सीतापुर को जांच अधिकारी नामित किया है। यह कार्रवाई ग्राम काकोरी निवासी रवी प्रकाश सिंह पुत्र रजनीश प्रताप सिंह की ओर से ग्राम प्रधान के विरुद्ध नोटरी सत्यापित शिकायती पत्र (दिनांक 15 सितंबर 2025) के आधार पर की गई है। शिकायत में ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों में गंभीर गड़बड़ियों का आरोप लगाया गया है। जिलाधिकारी के आदेशानुसार जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि शिकायत में वर्णित बिंदुओं की स्थलीय जांच कर तीन सप्ताह के भीतर रिपोर्ट (एम.एस. एक्सेल फॉर्मेट में, फोटोग्राफिक साक्ष्य सहित) प्रस्तुत करें। साथ ही, शिकायतकर्ता, प्रधान और अन्य संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर निष्कर्ष सहित जांच आख्या उपलब्ध कराई जाए।
पूर्व की जांच में भी मिली थीं अनियमितताएं
गौरतलब है कि बीते 25 सितंबर को ब्लॉक स्तर पर गठित तीन सदस्यीय जांच टीम ने ग्राम पंचायत काकोरी में भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों की जांच की थी। उस जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं — जैसे पंचायत भवन का मुख्य द्वार न लगा होना, भवन से कंप्यूटर सिस्टम, मेज, कुर्सियां और पंखे गायब होना, तथा दीवारों का चिटका हुआ पाया जाना।
इसके अतिरिक्त, नल रिबोर के स्थलीय निरीक्षण में भी गड़बड़ियां सामने आई थीं। जांच रिपोर्ट के अनुसार, संजय नामक व्यक्ति के घर के पास लगा नल उसके परिजनों द्वारा स्वयं लगवाया गया बताया गया था, लेकिन टीम की रिपोर्ट में उसे रिबोर दर्शाया गया, जिससे रिपोर्ट में मिलीभगत की आशंका व्यक्त की जा रही है।
समयसीमा बीतने के बाद भी नहीं हुई जांच
जिलाधिकारी ने 25 सितंबर को आदेशित किया था कि तीन सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, किंतु 11 अक्टूबर तक जांच अधिकारी द्वारा मौके की जांच नहीं की गई, जिससे शिकायतकर्ता पक्ष में असंतोष व्याप्त है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यदि समय पर जांच नहीं हुई तो यह मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। जिला प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।





