अयोध्याउत्तर प्रदेश

सितंबर माह तक सामाजिक, राजनीतिक व धार्मिक संगठन द्वारा धरनावा जुलूस पर पूर्णता प्रतिबंध – जिलाधिकारी

बलराम मौर्य/ बालजी हिन्दी दैनिक
अयोध्या l जिला मजिस्ट्रेट निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि विभिन्न माध्यमों/स्रोतों से प्राप्त सूचनानुसार आगामी दिवसों में विभिन्न धार्मिक एंव राजनैतिक संगठनों/संस्थाओं/व्यक्तियों आदि द्वारा जनपद अयोध्या के विभिन्न भागों में धरना, प्रदर्शन, जुलूस, पदयात्रा इत्यादि द्वारा अथवा अन्य प्रकार के अविधिक, असामाजिक, किया कलापों एवं कार्यक्रमों से शान्ति व्यवस्था भंग की जा सकती है। आगामी अवधि में रक्षाबन्धन, चेहल्लुम, स्वतन्त्रता दिवस, जन्माष्टमी, श्रीगणेश चतुर्थी, ईद-ए-मिलाद (बारावफात), अनंत चर्तुदशी, श्रावण मास में कावड़ियों द्वारा जलाभिषेक एवं प्रान्तीयकृत श्रावण झूला मेला/श्रावण पूर्णिमा आदि विभिन्न त्योहारों/जन्म दिवस के साथ ही विभिन्न सेवा आयोगों की प्रतियोगी/शैक्षणिक परीक्षाएं आदि आयोजित होना संम्भावित हैं। ऐसी स्थिति में आगामी समय में विभिन्न धार्मिक, राजनैतिक, संगठनों, संस्थाओं, व्यक्तियों के सम्भावित आयोजनों/कार्यकमों के साथ ही उल्लिखित त्योहारों/जन्म दिवस, परीक्षाओं, जनपद अयोध्या के विभिन्न मन्दिर, मठ, धर्मशालाओं आदि में आयोजित कार्यक्रमों के दृष्टिगत मेरा समाधान हो गया है कि जनपद में लोक, शान्ति, सुरक्षा व कानून व्यवस्था एवं जन सुरक्षा बनाये रखना अति आवश्यक है। जिला मजिस्ट्रेट श्री निखिल टी. फुंडे ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-163 में विहित अधिकारों का प्रयोग करते हुए लोक/शान्ति/कानून व्यवस्था/जन सुरक्षा एवं जनजीवन को सामान्य बनाये रखने की दृष्टि से जनपद की सम्पूर्ण सीमा में इसके अन्तर्गत पड़ने वाले समस्त नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र हेतु निषेधाज्ञाएं पारित करता हूँ। उपरोक्त आदेश को तात्कालिक रूप से पारित करने की आवश्यकता है, ऐसी दशा में समयाभाव के कारण समस्त सम्बन्धितों को समय से सूचित कर किसी अन्य पक्ष को सुना जाना संभव नहीं है। यह आदेश एक पक्षीय रूप से पारित किये जा रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति/संस्था इस आदेश से क्षुब्ध हो तथा इसके सम्बन्ध में कोई आपत्ति/आवेदन करना चाहे या छूट अथवा शिथिलता चाहे, तो उसे सम्बन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट/रेजिडेंट मजिस्ट्रेट अयोध्या/नगर मजिस्ट्रेट, अयोध्या के सम्मुख आवेदन करने का अधिकार होगा, जिस पर सम्यक् सुनवाई/विचारोपरान्त प्रार्थना-पत्र के सम्बन्ध में समुचित आदेश पारित किये जायेंगें। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगें और यदि बीच में वापस न लिया गया, तो दिनांक 10.09.2025 तक प्रभावी रहेगें। इस आदेश अथवा इसके किसी भी अंश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा-223 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा। इस आदेश का प्रचार-प्रसार, जिले के सभी कार्यकारी मजिस्ट्रेटों तथा न्यायालयों व जनपद के नगर निगम/नगर पालिका/नगर पंचायत क्षेत्रान्तर्गत पड़ने वाले थानों के नोटिस बोर्ड, पर चस्पा करके किया जायेगा।

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