श्री हरि मंदिर, श्री बाँके बिहारी मंदिर व अन्य मंदिरों, घरों में मनाई गई राधा अष्टमी

ललित कुमार कश्यप
बरेली । शहर में रविवार को मंदिरों और घरों में राधा अष्टमी धूमधाम से मनाई गई। श्री हरि मंदिर, श्री बाँके बिहारी सहित विभिन्न मंदिरों में महिलाओं ने मंगल गीत गाए। घरों में भी श्री राधा की पूजा-अर्चना की गई।
मान्यता है कि राधा रानी की पूजा-अर्चना करने से मनुष्य सांसारिक बंधनों से मुक्त हो जाते हैं। भगवान श्री कृष्ण के जन्म के 15 दिन बाद राधा जी का जन्म हुआ। इस दिन को राधा अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। हरि मंदिर में श्रीराधा कृष्ण को पंचामृत से स्नान कराकर उनका शृंगार किया गया। पूजा-अर्चना के बाद सर्वोत्तम व्यंजनों का भोग लगाकर धूप, दीप, पुष्प आदि से आरती उतारी गई। इसके बाद श्री हरि मंदिर की महिला संकीर्तन मंडली ने बधाई गीत गाए। इनमें संकट हरेगी करेगी भली वृषभानु की लली, बजाओ राधानाम की ताली, फूलों से सज रही है वृषभानु की दुलारी, राधा तू बड़भागिनी कौन तपस्या कीन, तीन लोग तारन तरन जो तेरे आधीन आदि भजन गाए और भक्ति में डूबकर नृत्य किया।
श्री सनातन धर्म मंदिर में सुबह नौ बजे से राधा अष्टमी मनाई गई। मंदिर कमेटी ने छप्पन भोग से राधा और श्रीकृष्ण का भोग लगाया।
श्री बांके बिहारी मंदिर में पुजारी ने राधा और कृष्ण जी को भोग लगाकर राधा अष्टमी मनाई। हर मिलाप शिव शक्ति मंदिर में राधा रानी के भजन गाए गए।
इस अवसर पर हरि मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सुशील अरोड़ा, सचिव रवि छाबड़ा ,अश्विनी ओबेरॉय, संजय आनंद, गोविंद तनेजा,रंजन कुमार,अनिल चड्ढा,कुल सचिव राय, हरीश लुनियाल,कथा के यजमान सुप्रिया अंकित अग्रवाल, शुभ अनुज अग्रवाल शीशगढ़ वाले आदि व महिला सेवा समिति की अध्यक्ष रेनू छाबड़ा, कंचन अरोड़ा,नेहा आनंद,सीमा तनेजा, पूनम अरोरा, नीलम साहनी,नीलम साहनी आदि उपस्थित रही।
श्री बांके बिहारी मंदिर समिति के अध्यक्ष विनोद ग्रोवर, दिनेश तनेजा, अश्वनी अरोरा, विजय गुप्ता , विजय बंसल, संजीव गुलाटी, दीपकअरोड़ा शीला, कांनता अरोड़ा, सीमा गुलाटी सहित बड़ी संख्या में भक्तजन शामिल रहे।





