19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मौजूदगी में राम मंदिर में होगा ‘श्रीराम यंत्र’ का स्थापना समारोह

बृजेश सेन / बालजी हिन्दी दैनिक
अयोध्या धाम l राम नगरी अयोध्या के लिए आगामी 19 मार्च का दिन बेहद ऐतिहासिक होने जा रहा है। वासंतिक नवरात्र के प्रथम दिवस और हिंदू नववर्ष के शुभारंभ के अवसर पर द्रौपदी मुर्मु राम मंदिर में आयोजित होने वाले विशेष समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इस अवसर पर श्री रामलला मंदिर के द्वितीय तल पर ‘श्रीराम यंत्र’ और ‘श्रीराम नाम मंदिर’ की स्थापना का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि राष्ट्रपति के आगमन के बावजूद आम श्रद्धालुओं के दर्शन पर कोई रोक नहीं होगी। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और प्रशासन के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि रामलला के दरबार में सामान्य दर्शन की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। ट्रस्ट के न्यासी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि लाखों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए दर्शन व्यवस्था बाधित नहीं की जाएगी। हालांकि सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए कुछ अस्थायी प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। 19 मार्च को सुगम दर्शन और विशिष्ट दर्शन के पास जारी नहीं किए जाएंगे। पहले से बुक किए गए ऑनलाइन पास भी उस दिन के लिए स्थगित रहेंगे। वहीं नियमित श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंगला आरती, श्रृंगार आरती और शयन आरती के पास जारी किए जाते रहेंगे। राम मंदिर के द्वितीय तल पर आयोजित इस भव्य समारोह के लिए लगभग 5000 विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया जा रहा है। इसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के प्रमुख संत-महात्मा, राम मंदिर आंदोलन से जुड़े परिवार, मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों, कारीगरों, इंजीनियरों और वास्तुकारों के परिजन शामिल होंगे। इसके अलावा अयोध्या जनपद से करीब 500 ऐसे अतिथियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, जो राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख कारसेवक रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर आस्था, परंपरा और भव्य आयोजन का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा।





