फर्जी हस्ताक्षर कर मुकदमे में फंसाने की साजिश, पीड़ित ने तहसील प्रशासन से की न्याय की मांग

मोहनलालगंज। मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम करोरा निवासी मोहम्मद यासीन पुत्र ग़ुलाम मोहम्मद ने उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके फर्जी हस्ताक्षर कर न्यायालय में एक बयान प्रस्तुत कर दिया गया है, जो पूरी तरह से झूठा और भ्रामक है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहम्मद यासीन को यह सूचना विश्वसनीय सूत्रों के माध्यम से मिली कि न्यायालय न्याय तहसीलदार निगोहा, तहसील मोहनलालगंज, लखनऊ में वाद सं. टी202510460301408, धारा-34, वाद दिनांक 30/07/2010 व 2006 ग्राम करोरा से संबंधित है, जिसमें उनका फर्जी हस्ताक्षर बनाकर बयान प्रस्तुत किया गया है।प्रार्थी ने अपने प्रार्थना पत्र में स्पष्ट किया है कि उन्होंने न्यायालय में न तो कोई बयान दिया है और न ही वे उक्त तिथि को न्यायालय में उपस्थित हुए थे। उनके अनुसार, यह कृत्य एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया है, जिससे उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया जा सके।मोहम्मद यासीन ने इस मामले में राजेंद्र सिंह पुत्र युगल किशोर सिंह निवासी ग्राम बभनखेड़ा, थाना नगराम पर आरोप लगाया है कि उन्होंने ही उनके फर्जी हस्ताक्षर कर बयान न्यायालय में दाखिल किया है, ताकि वे अपनी किसी निजी स्वार्थ या शत्रुता को पूरा कर सकें। प्रार्थी का कहना है कि न्यायालय से प्राप्त प्रति में प्रस्तुत बयान उनके असली दस्तखत से मेल नहीं खाता।प्रार्थी ने उपजिलाधिकारी से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि न्याय की रक्षा हो सके।यह मामला प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़ा करता है, क्योंकि किसी व्यक्ति के फर्जी दस्तावेज के आधार पर न्यायालय में प्रस्तुतिकरण न केवल उस व्यक्ति के अधिकारों का हनन है, बल्कि कानून की गरिमा को भी ठेस पहुँचाता है।





