हर्ष हॉस्पिटल में दूसरे दिन बच्चे की मौत के बाद हंगामा

लखनऊ। प्राइवेट अस्पताल की लापरवाही के चलते लगातार दूसरे दिन दूसरे बच्चे की मौत हो गई। सोमवार सुबह 3 साल के जियान की ठाकुरगंज के ऑक्सीजन हॉस्पिटल में मौत हुई थी। उसके बाद मंगलवार को मड़ियांव बंधा रोड के पुरनिया स्थित हर्ष हॉस्पिटल में 3 साल के बच्चे शशांक की मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर के बजाय अस्पताल संचालक और चपरासी ने इलाज किया। इसी के चलते बच्चे की मौत हुई। मासूम के चाचा सुमित ने बताया कि बच्चे को पेट दर्द की समस्या थी। उसे अस्पताल में भर्ती किया गया था। भर्ती करने के दौरान बताया गया कि बाल रोग विशेषज्ञ उसका इलाज करेंगे। थोड़ी देर में डॉक्टर आ जाएंगे पर अस्पताल संचालक और चपरासी ने ही फोन से डॉक्टर से बात करके इलाज करना शुरू कर दिए। कुछ देर बाद इलाज के दौरान बच्चों की मौत हो गई। मृतक के चाचा सुमित ने बताया कि बच्चे की मौत करीब शाम 4:30 बजे हो गई थी। लेकिन, शाम 6 बजे के बाद मौत की जानकारी दी।
सोमवार को ठाकुरगंज के ऑक्सीजन अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से 3 साल के बच्चे की मौत हो गई थी। बच्चे को जीबी सिंड्रोम था। 5 दिन पहले खेलते-खेलते उसे चोट लग गई। उसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि रविवार को डॉक्टरों की लापरवाही से ऑक्सीजन पाइप से बच्चे के फेफड़े में छेद हो गया। अचानक से उसकी आंखें पलट गईं। कुछ ही देर में तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। केसरबाग के नजीरा बाग के रहने वाले लतीफ के 3 साल के बेटे जियान को शुक्रवार को ऑक्सीजन अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जियान के चाचा शादाब ने बताया कि ऑक्सीजन हॉस्पिटल में डॉ. विनीत बच्चे को देख रहे थे। शुरुआत में जियान को फायदा हुआ। कुछ देर बाद अचानक से उसकी हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने बोला था कि 50 हजार का इंजेक्शन लगेगा, जिससे बच्चे की हालत में सुधार होगा। इस पर हम लोगों ने इंजेक्शन के रेट कम करने की बात कही, 4 हजार का डिस्काउंट कराने के बाद 46 हजार का इंजेक्शन लगाया गया था। चाचा ने बताया कि इस बीच राहत देने के लिए ऑक्सीजन सपोर्ट देने की बात कही। मुंह में ऑक्सीजन पाइप डालने के दौरान लंग्स डैमेज हो गए। अचानक से उसकी आंखें पलट गईं। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। अस्पताल ने रात भर उसे आईसीयू में रखा। सोमवार सुबह मौत होने की पुष्टि की।
लखनऊ के डिप्टी सीएमओ डॉ. एपी सिंह ने बताया कि मामला बेहद गंभीर है। अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट होगा। शिकायत मिलते ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऑक्सीजन हॉस्पिटल के संचालक अमान ने बताया कि मरीज को जीबी सिंड्रोम था। उसे गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। डॉ. अयान उसका इलाज कर रहे थे। डॉक्टरों ने उसे बचाने का भरसक प्रयास किया,लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।





