
चंडीगढ़। विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा की अगुवाई में कांग्रेस के सभी विधायक काले कपड़े पहनकर विधानसभा पहुंचे और सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा परिसर के बाहर धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है, लेकिन सरकार दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने संबंधित विभागों के मंत्रियों के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।
गंभीर मुद्दों को उठाया
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधानसभा के भीतर और बाहर इन मुद्दों को पूरी मजबूती से उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी।
मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष के इस आक्रामक प्रदर्शन से विधानसभा परिसर का राजनीतिक माहौल गरमा गया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले काफी देर तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी होती रही। माना जा रहा है कि सत्र के दौरान पेपर लीक, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी भिड़ंत देखने को मिलेगी।
सीएम कर चुके रुख स्पष्ट
वहीं, दूसरी तरफ मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद इस पर रुख स्पष्ट कर चुके हैं। सीएम मान साफ कर चुके हैं कि ये पेपर लीक का मामला ही नहीं है। ये पेपर में नकल का मामला है, जिसे एक गिरोह चला रहा था। ये एक हाईटेक नकल थी। जिसे समय रहते पुलिस पकड़ने में सफल रही।
ये गिरोह हाईटेक पेन की मदद से प्रश्न पत्रिका को बाहर भेजता था व रिसीवर के जरिए परीक्षार्थियों तक जवाब पहुंचाया जाता था। इस मामले में कई दूसरे राज्यों से भी लोग पकड़े जा चुके हैं। विरोधी पार्टियां इसे पेपर लीक का मामला बता गुमराह कर रही हैं।





