उत्तर प्रदेशप्रयागराज

उर्दू अकादमी व अल हुदा एजुकेशन सोसाइटी का एक शाम शहीदों के नाम मुशायरे का आयोजन

यहां रहकर जो लगाता है पाकिस्तान के नारे वह कभी सच्चा मुसलमां हो नहीं सकता

प्रयागराज ०७ अक्टूबर
बीके यादव/बालजी दैनिक

उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी व अल हुदा एजुकेशन सोसायटी का एक शाम शहीदों के नाम मुशायरे में शायरों ने भरे क़ौमी यकजहती के रंग में श्रोताओं को झूमने पर कर दिया मजबूर ,जमकर मिली वाह वाही।

अल हुदा एजूकेशनल सोसायटी के संयोजन में प्रयागराज के हिन्दुस्तानी अकेडमी सभागार में मुशायरे का आग़ाज़ मुख्य अतिथि प्रख्यात गाईनोलाजिस्ट डॉ नाज़ फात्मा विशिष्ट अतिथि डॉ मोनिका शर्मा व मेराज अहमद की उपस्थिति व डॉ ब्राज़िल हाशमी की अध्यक्षता में सभी ने एक सुर में राष्ट्रगान गाकर मुशायरा का आग़ाज़ किया।शायर व अंतर्राष्ट्रीय संचालक नजीब इलाहाबादी के संचालन में सबसे पहले अल हुदा एजूकेशनल सोसायटी के कनवीनर इन्तजार आब्दी व शफक़त अब्बास पाशा द्वारा मुख्य अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट करने के साथ शॉल ओढ़ाकर व मोमेन्टो देकर सम्मानित किया गया।वहीं एक दर्जन से अधिक ख्यातिप्राप्त शायरों व कवियों ने देश की एकता और अखंडता तथा देश पर कुर्बान होने वाले रणबांकुरों को समर्पित रचनाओं और काव्यांजलि से याद किया। मख़दूम फूलपूरी ने क़ौमी यकजहती पर कलाम पेश करते हुए पढ़ा।दिलों दिमाग़ में भर दे जो आग नफरत कि।

कभी बच्चों को ऐसी किताब मत देना! कवयित्री नीलिमा मिश्रा ने स्वार्थी लोगों पर कविता के माध्यम से प्रहार करते हुए कहा।क्या बुरा है सही सही कहना। दिल्लगी हो तो दिल्लगी कहना।हो जो मतलब तो लोग मिलते हैं।ऐसे रिश्तों को मतलबी कहना।तुम पे कहती हूं एक ग़ज़ल अब मैं।तुम इसे चाहे आशिकी कहना।युवा शायरा मिस्बाह इलाहाबादी ने आज के हालात पर पढ़ा इश्क़ में होशियारी नहीं चाहिये। नफरतों का पुजारी नहीं चाहिये।प्यार को एक तिजारत जो समझे यहां। प्यार का वह भिखारी नहीं चाहिए।शायर फरमूद इलाहाबादी, शहंशाह सोनवी, मखदूम फूलपूरी,अशरफ लखनवी, किरदार ग़ाज़ीपुरी,नीलीमा मिश्रा,वंदना शुक्ला, मिस्बाह इलाहाबादी,शादाब बनारसी, सुहेल ग़ाज़ीपुरी,जावेद शोहरत ने अपनी उच्च कोटि की रचनाओं से श्रोताओं का दिल जीत लिया। कार्यक्रम में समाज में उत्कृष्ट कार्य करने व लोगों के सुख दुख समृद्धि में अग्रणी भूमिका निभाने वाले समाजसेवीयो को अल हुदा एजूकेशनल सोसायटी की ओर से सम्मानित किया गया। कोरोनाकाल में समाजसेवा के ज़रीए दिवंगतों का कफन दफ्न में बढ़ चढ़ कर समर्पित रहकर कीर्तिमान स्थापित करने वाले समाजसेवी शफक़त अब्बास पाशा को विशेष सम्मान देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आसिफ उस्मानी,वज़ीर खां,एस ए खान,इफ्तेखार आलम,बाकर नक़वी,हसन नक़वी, डॉ मज़हर अब्बास,सैय्यद मोहम्मद अस्करी ,अफसर महमूद ,अज़मत अब्बास ,जैनुल अब्बास आदि श्रोतागण उपस्थित रहे।

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