जीर्णोद्वार में तीर्थ के बदलते स्वरूप पर मान्यता प्राप्त पत्रकार नरेश चंद्र मिश्र ने जाहिर की चिंता

रिपोर्ट राकेश पाण्डेय
सीतापुर – आदर्श नगर पंचायत हरगांव के प्राचीन सूर्यकुंड तीर्थ पर स्थित श्री श्री 1008 स्वामी नीलकंठ आश्रम पर आयोजित भंडारे में पांच नवम्बर 2025 को मुलाकात के समय जिले के वरिष्ठ मान्यता प्राप्त पत्रकार नरेश चंद्र मिश्र ने जीर्णोद्धार के प्राचीन सूर्यकुंड तीर्थ के बदले स्वरूप पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने मुलाकात के दौरान बताया कि चार दिसम्बर 1981 को लखनऊ से प्रकाशित समाचार पत्र की कटिंग देते हुए बताया कि उन्होंने अपने अंक में सूर्यकुंड तीर्थ के बारह कोणीय होने की महत्ता पर प्रकाश डाला था। उन्होंने कहा की सूर्यकुंड तीर्थ के प्रत्येक कोण की अलग-अलग अपनी महत्व है लेकिन समय- समय पर तीर्थ के हुए जीर्णोद्धार में हजारों वर्ष पूर्व से निर्मित तीर्थ के कोणों पर ग्रहण लगाकर तीर्थ की महत्व को ही समाप्त करने की जिम्मेदारों में कोशिश की है।
हरगांव तीर्थ पर बने स्वामी जी के आश्रम पर आयोजित भंडारे में मुलाकात के दौरान मान्यता प्राप्त पत्रकार नरेश चन्द्र मिश्र से भण्डारे में हुई मुलाकात के दौरान उन्होंने सूर्य कुण्ड तीर्थ के बदलते स्वरूप पर चिन्ता ब्यक्त की।
इस कटिंग मे तत्कालीन क्षेत्रीय विधायक चौधरी परागी लाल के चित्र सहित छपे बयान जिसमे उन्होने पांच मई 1981 को इस बात की घोषणा कर दी थी कि यदि सूर्य कुण्ड तीर्थ का जीर्णोद्धार नहीं हुआ तो मै अपने विधायक पद से इस्तीफा दे दूंगा।
उनके बयान के पश्चात प्राचीन सूर्यकुंड तीर्थ के जीर्णोद्धार की शुरुआत भी हुई लेकिन समय बदलते ही उनके द्वारा जीर्णोधार के लिए डाली गई नींव का पत्थर भी गायब कर दिया गया।
मान्यता प्राप्त पत्रकार नरेश चन्द्र मिश्र ने वर्तमान सूर्य कुण्ड तीर्थ के बदलते स्वरूप पर चिन्ता ब्यक्त की है और हरगांव वासियो से अपील की है कि वे इस समाचार पत्र की कटिंग के जरिये इसके स्वरूप को पहचानते हुए जिम्मेदारों से मांग करें कि जीर्णोद्धार के समय बारह कोणीय के रूप तीर्थ का स्वरूप प्रदान करना सुनिश्चित करें।
यह पूरी पोस्ट नरेश मिश्र के बयान और सूर्य कुण्ड तीर्थ के प्रति उनके लगाव व निवेदन के कारण मैं लेखनी का सहयोग कर यह समाचार लिख रहा हूं।





