पंजाबराज्य

भगवंत मान 5 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलेंगे, राइट टू रिकॉल पर रखेंगे मांग

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का समय मिल गया है। खुद सीएम मान ने एक प्रेस वार्ता में इसके बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि वह 5 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलेंगे। 5 मई को दोपहर 12 बजे उन्हें मुलाकात करने का समय दिया गया है। सीएम मान ने यह भी कहा कि वह दिल्ली जाकर जरूर राष्ट्रपति से मिलेंगे। हालांकि उन्होंने मुलाकात की वजह को लेकर ज्यादा बातचीत नहीं की।

लेकिन आपको बता दें कि सीएम मान राष्ट्रपति से मिलकर आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले 7 राज्यसभा सांसदों के संबंध में राइट टू रिकॉल की मांग करेंगे। वे BJP में शामिल हुए पंजाब के राज्यसभा सदस्यों को वापस बुलाए जाने के संबंध में अपना पक्ष रखेंगे। सीएम भगवंत मान की ओर से 26 अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करने का समय मांगा गया था। सीएम दफ्तर से यह जानकारी सामने आई थी।

पंजाब में AAP विधायकों के टूटने पर बड़ा बयान

AAP के 7 राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में जाने के बाद कई ऐसे दावे किए जा रहे हैं, जिनमें यह कहा जा रहा है कि पंजाब आप के करीब 50 विधायक टूटकर बीजेपी में जा सकते हैं और राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार गिर सकती है। अब सीएम भगवंत मान ने इसी पर एक बयान जारी किया है। सीएम मान ने पंजाब AAP विधायकों के किसी दूसरे दल के संपर्क होने को लेकर कहा है कि हमारे 94 विधायक हमारे साथ हैं और हमें उनपर पूरा भरोसा है। वो कहीं नहीं जा रहे।

जरूरत पड़ी तो विश्वास प्रस्ताव भी लाएंगे

सीएम भगवंत मान ने यहां तक कह दिया कि वह विधानसभा में फ्लोर टेस्ट भी करवाने को तैयार हैं, यानि जरूरत पड़ने पर विश्वास प्रस्ताव लाएंगे। आम आदमी पार्टी के खेमे में विधायकों की सरकार से नाराजगी या पार्टी से मोह भंग को लेकर सीएम मान ने कहा कि अगर ऐसा होता तो हमारी सरकार में अब तक विधानसभा में कोई बिल और प्रस्ताव क्यों नहीं रुका। इससे यह तय है की आम आदमी पार्टी के सभी विधायक एकजुट हैं और पार्टी और सरकार के साथ खड़े हैं। सीएम मान ने कहा कि लोगों का विश्वास तोड़ने वाले गद्दार ही होते हैं।

ज्ञात रहे कि ये आम आदमी पार्टी के 7 सांसद 24 अप्रैल को AAP छोड़कर BJP में शामिल हुए थे। जिनमें राघव चड्ढा, अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप कुमार पाठक, डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं। इनमें से पंजाब से 6 राज्यसभा सांसद हैं और 1 दिल्ली से। राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने दिल्ली भाजपा कार्यालय राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात करते हुए बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी।

राज्यसभा में मजबूत हुई बीजेपी

बीजेपी ने संसद के उच्च सदन राज्यसभा में खुद को और मजबूत कर लिया है। जो कभी आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद बने थे, वो अब बीजेपी के सांसद हो गए हैं। दरअसल AAP छोड़कर आए 7 सांसद भाजपा में विलय हो गए हैं। राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन ने इसे मंजूरी दे दी है और इन सातों सांसदों को राज्यसभा में अब बीजेपी सांसदों की लिस्ट में लिस्टेड कर दिया गया है। राज्यसभा से जारी नई लिस्ट में बीजेपी के कुल 113 सांसद शामिल किए गए हैं।

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