राज्यहरियाणा

हरियाणा के गेस्ट टीचरों को बड़ी राहत: HTET की अनिवार्यता हटने से टला नौकरी का संकट, नियमितीकरण की प्रक्रिया जल्द

चंडीगढ़: हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) पास करने की अनिवार्यता को लेकर गेस्ट टीचरों पर नौकरी जाने का संकट टल गया है। एचटेट पास न होने पर गेस्ट टीचर की नौकरी नहीं जाएगी, बल्कि सरकार की ओर से नियमितिकरण की योजना को रफ्तार देने की कवायद शुरू कर दी है। इसके साथ ही गेस्ट टीचर ट्रांसफर ड्राइव का भी हिस्सा लेंगे।

यह आश्वासन शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय दहिया ने हरियाणा विधालय अध्यापक संघ के प्रतिनिधिमंडल को दिया। माध्यमिक शिक्षा निदेशक जितेंद्र कुमार और मौलिक शिक्षा निदेशक मनिता मलिक की मौजूदगी में आयोजित हुई बैठक में विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में टीईटी, गेस्ट टीचर्स के नियमितीकरण, तबादलों, स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं, गैर-शैक्षणिक कार्यों, सेवा नियमों और लंबित मामलों सहित कई मुद्दों पर अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा दिया।

गेस्ट टीचर्स के नियमितीकरण के मामले में अधिकारियों ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। 11 अगस्त को मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार की ओर से जारी पत्र के अनुसार नियमितीकरण के लिए गेस्ट टीचर्स से संबंधित मामले मंगवाए जाएंगे। तबादलों के मुद्दे पर जेबीटी अध्यापकों के भी तबादले करने पर सहमति बनी। पहले जेबीटी और सीएंडवी के अंतर्जिला तबादले किए जाएंगे और इसके बाद जेबीटी के सामान्य तबादले होंगे। जीएमएस/पीएमएस स्कूलों के अध्यापकों का स्कूल आवंटन दो दिन के भीतर करने तथा इसके तुरंत बाद सामान्य तबादला अभियान शुरू करने की बात कही गई।

स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं के तहत 4600 प्राथमिक स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी के पद सृजित करने का निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद अन्य स्कूलों में भी पद सृजित किए जाएंगे। वहीं 118 प्राथमिक और नौ अन्य भवनविहीन स्कूलों के नए भवनों के लिए अनुदान जारी किया जाएगा। गैर-शैक्षणिक कार्यों पर रोक लगाने तथा अध्यापकों का अधिक से अधिक समय कक्षाओं में सुनिश्चित करने की बात भी अधिकारियों ने कही। 2012 के सेवा नियमों में संगठन की मांग के अनुसार आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। इस मुद्दे पर सोमवार को संगठन के साथ अलग से विस्तृत बैठक होगी।

एसीपी, चिकित्सा, वेतन संरक्षण सहित लंबित मामलों के समाधान के लिए जिला स्तर से निदेशालय स्तर तक सिटिजन चार्टर बनाने पर सहमति बनी। सीएंडवी अध्यापकों के एसीपी मामले जिला स्तर पर ही निपटाए जाएंगे और मामलों को निदेशालय में मंगवाने संबंधी पत्र वापस लिया जाएगा।  चार राष्ट्रव्यापी हड़तालों की अवधि के नियमितीकरण के लिए भी जल्द पत्र जारी करने का भरोसा दिया गया। स्कूल मर्जर के मामले में 100 मीटर के दायरे वाले स्कूलों के विलय पर पूर्ण सहमति नहीं बन सकी। संघ ने कहा कि मर्जर के मुद्दे और बैठक में मानी गई मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन जारी रखने के साथ उसे और तेज किया जाएगा। अध्यापकों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन के साथ नियमित बैठकें करने पर भी सहमति बनी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button