
रायपुर: छत्तीसगढ़ में 24 से 48 घंटे तक लगातार हुई झमाझम बारिश की वजह से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. रायपुर सहित प्रदेश के कई जगहों पर जल भराव के साथ ही बाढ़ की स्थिति भी निर्मित हुई. रायपुर के महादेव घाट पर खारुन नदी में भी 15 सालों के बाद फिर से एक बार बाढ़ के हालात देखने को मिले. इसके साथ ही शहर के कई निचली बस्तियों में पानी भरने के साथ ही कई जगहों पर जल भराव जैसे स्थिति भी निर्मित हुई.
बाढ़ और जल भराव में फंसे लोगों का रेस्क्यू करने का काम एसडीआरएफ और होमगार्ड के द्वारा लगातार किया जा रहा है. SDRF और होमगार्ड के द्वारा अब तक 200 से अधिक लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है. वहीं, धरसींवा तहसील के बाढ़ प्रभावित गांवों से 123 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, ग्राम पंचायत बाना में 9 परिवारों के 54 सदस्य, गोमची में 4, काठाडीह में 40 और दतरेंगा में 25 लोगों को सुरक्षित निकाला गया.
पानी-पानी हुआ रायपुर
बाढ़ और जल भराव को लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने निगम प्रशासन को घेरा और कहा, “मौसम विभाग द्वारा चार दिन पहले पूर्वानुमान जारी करने के बाद भी निगम और प्रशासन ने पहले से कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की. जिसके कारण लोगों को सामुदायिक भवन में रात गुजारना पड़ा. जबकि केंद्र और राज्य के साथ ही निगम में भी भाजपा की सरकार है.”
200 से ज्यादा लोगों को किया गया रेस्क्यू
रायपुर के महादेव घाट में खारुन नदी में बाढ़ के बाद ईटीवी भारत ने बाढ़ देखने पहुंचे कुछ लोगों से बात की तो उन्होंने कहा, “इस तरह का बाढ़ 15 साल पहले भी आया था. उसके पहले 1993 में इस तरह का बाढ़ इस नदी में आया था. जिसके बाद साल 2026 में इस नदी में बाढ़ आया है. नदी में बाढ़ आने की वजह से अमलेश्वर पाटन और दुर्ग जाने वाला रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है. बाढ़ की वजह से लोगों का आवागमन भी प्रभावित हुआ है. सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल वहां पर तैनात कर दिया गया है, ताकि बाढ़ वाली जगह पर लोग ना जा सके. कई लोग तो केवल बाढ़ देखने के लिए ही नदी के पास पहुंचे थे, लेकिन जिन लोगों का घर नदी के उस पार है वे लोग परेशान नजर आए.”
कांग्रेस ने रायपुर नगर निगम पर फोड़ा ठीकरा
वहीं, जल भराव और बाढ़ जैसी स्थिति को लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा, “मौसम विभाग के द्वारा 4 दिन पहले ही 48 घंटे तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया था. बावजूद इसके शासन प्रशासन और नगर निगम की टीम ने इसको लेकर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की. जबकि केंद्र और राज्य के साथ ही नगर निगम में भी भाजपा की महापौर हैं और यहां ट्रिपल इंजन की सरकार है. 24 से 48 घंटे तक लगातार हुई बारिश की वजह से चंदनडीह, सरोना, भाटागांव जैसे कई इलाके हैं, जहां पर जल भराव की स्थिति निर्मित हुई है. मोहल्ले में पानी भरने के साथ ही लोगों के घरों में भी पानी घुसा हुआ है. लोग सामुदायिक भवन में रात बिताने को मजबूर हैं. सरकार व्यवस्था को दुरुस्त करने के बजाए सोई हुई नजर आ रही है.”
एसडीआरएफ ने संभाला मोर्चा
रायपुर जिला सेनानी अधिकारी पुष्पराज सिंह ने कहा, “24 से 48 घंटे के दौरान हुई भारी बारिश की वजह से बाढ़ और जल भराव में कई लोगों के फंसे होने की सूचना मिली है. रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एसडीआरएफ और होमगार्ड की लगभग 6 टीम बनाई गई है. जिसमें 60 जवान रेस्क्यू के काम में लगे हुए हैं. होमगार्ड के द्वारा रेस्क्यू का काम शुक्रवार की शाम से शुरू कर दिया गया है. अब तक बाढ़ और जल भराव जैसी स्थिति में फंसे हुए लगभग 200 से अधिक लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है. इसके साथ ही तीन जगह से यह भी सूचना आई है की बाढ़ में कुछ लोग बह गए हैं. लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है. जिन जगहों पर एसडीआरएफ और होमगार्ड की टीम रेस्क्यू कर रही है. उन जगहों में भाटागांव, दतरेंगा, नंदनवन के पास, बाना और नवापारा शामिल है.”


