
रांची: पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती के अवसर पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई. प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के राजू, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, उपनेता राजेश कच्छप, राजेश ठाकुर सहित कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.
इस दौरान झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के. राजू ने डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में देश की आर्थिक प्रगति और अधिकार आधारित कानूनों के निर्माण में उनके योगदान को याद किया. उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व में देश ने विकास के साथ-साथ आम लोगों के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए.
के. राजू ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री रहते हुए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI), शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), भूमि अधिग्रहण कानून और वन अधिकार अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण कानूनों को लागू किया गया.
उन्होंने कहा कि इन कानूनों ने गरीबों, ग्रामीणों और वंचित वर्गों को अधिकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने मनमोहन सिंह के कार्यकाल में गरीबी कम करने और देश को आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयासों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी.
SIR और CEC के मुद्दे पर सोमवार को राष्ट्रव्यापी आंदोलन
के राजू ने कहा कि SIR के खिलाफ कांग्रेस का देशव्यापी आंदोलन करेगी. उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस की रणनीति और विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा साझा की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी SIR प्रक्रिया के दौरान आम लोगों को हो रही परेशानियों और मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने के मुद्दे को लेकर देशव्यापी आंदोलन करेगी. सोमवार को झारखंड में भी हर जिले और प्रखण्ड में धरना प्रदर्शन होगा.
के. राजू ने आरोप लगाया कि झारखंड सहित विभिन्न राज्यों में गरीब और वंचित वर्ग के लोगों को SIR प्रक्रिया के दौरान काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. उनके अनुसार, झारखंड में अब तक करीब 50 लाख मतदाताओं को नोटिस दिए जाने की बात सामने आई है. नोटिस मिलने के बाद लोग आवश्यक दस्तावेज लेकर सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ARO) के कार्यालय पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
उन्होंने दावा किया कि देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जा चुके हैं. के. राजू ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय मानते हुए इसके खिलाफ व्यापक अभियान चलाएगी.
हर जिले में प्रदर्शन, जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा ज्ञापन
के. राजू ने बताया कि कांग्रेस पार्टी सोमवार को झारखंड के प्रत्येक जिले में विरोध प्रदर्शन करेगी. इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों के नेतृत्व में प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा और जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें और उनके द्वारा लिए गए फैसलों को वापस लिया जाए.
29 सितंबर को CWC की बैठक
के. राजू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर देशभर में संघर्ष करेगी और आम लोगों के मताधिकार की रक्षा के लिए आंदोलन को आगे बढ़ाएगी. उन्होंने CEC और SIR के मुद्दे पर
29 सितंबर को विशेष CWC बैठक बुलाये जाने की भी जानकारी दी.
कांग्रेस प्रभारी ने बताया कि 29 सितंबर को कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की विशेष बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में SIR के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी और यह तय किया जाएगा कि इस विषय को देशभर में किस तरह आगे बढ़ाया जाए.
उन्होंने कहा कि झारखंड में भी इस प्रक्रिया के कारण गरीब और जरूरतमंद लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कांग्रेस इन समस्याओं को लेकर अपनी आवाज बुलंद करेगी. के. राजू ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं को लेकर पार्टी व्यापक जनजागरण अभियान चलाएगी.
लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट का आरोप
के. राजू ने कहा कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का मुद्दा लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें SIR प्रक्रिया को लोकतंत्र की बुनियाद से जुड़ा मुद्दा बताया गया था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस विषय को लेकर देशव्यापी मुहिम चलाएगी और आम नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी. अंत में के. राजू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का उद्देश्य लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना और यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े.


