उत्तर प्रदेशप्रयागराज

पूर्व पार्षद एवं समाजसेवी ने नगर निगम के तहसील दिवस पर शवदहन का पक्का निर्माण की मांग की

प्रयागराज ०५ अक्टूबर

पूर्व पार्षद एवं समाज सेवी कमलेश सिंह ने नदियों को प्रदूषित होने से बचाने हेतु नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत उन्नत काष्ट शवदहन स्थल को प्रयागराज नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत दारागंज घाट जो ऐतिहासिक घाट है। शव दहन हेतु स्थानीय परीक्षण कराकर घाटों काका निर्माण कराया जाना नितान्त आवश्यक है। जनहित एवं लोकहित में बाढ़ के समय नदी के विकराल रूप होने पर शवदहन कार्यक्रम दारागंज बांध की सड़क पर किया जाता है शास्त्री पुल एवं मोरी के मध्य मोरी दारागंज बांध के लेबिल से पीलर देकर शवदहन स्थल का निर्माण कराया जाना अत्यन्त आवश्यक है। जिसे लकड़ियां भी बांध के लेबिल से आसानी से शवदहन स्थल तक पहुंच जाये और बाढ़ के समय भी हो शव दहन सकेगा। ऐसे ही अरैल घाट नैनी एवं झूंसी,छतनाग घाट, ‘फाफामऊ घाट में स्ट्रैक्चर बनाकर जिससे सौ किलो लकड़ी में शवदहन कार्यक्रम हो जाये एवं नदी से शवदहन स्थल पर पम्प लगा देने से गंगा जल से स्नान भी कराया जा सकता है। एवं बढ़ती हुई जनसंख्या को देखते हुए कुम्भमेला, अर्द्धकुम्भमेला माघ मेला को देखते हुए मौके का मुआवना कराकर शवदहन स्थल का पक्का निर्माण उपरोक्त स्थलों पर करवाया जाना अति आवश्यक है। जनहित एवं लोकहित में नमामि गंगे 22 मार्च 2017, 26 जून 2017 इंजीनियर्स इण्डिया लिमिटेड द्वारा डी०पी०आर० बनाया गया था। वर्तमान में दारागंज घाट, रसूलाबाद घाट, फाफामऊ घाट, अरैल घाट सभी घाट जलमग्न हो गये है। केवल दारागंज में ही लाशें / शवदहन करायी जा रही है बांध की सड़क पर बांध के ऊचान से नदी तक घाटो का पक्का निर्माण पिलर पर करा दें. सदैव सदैव के लिए समस्या का निदान हो जायेगा। ऊपर पम्प हाउस बन जायेगा उससे गंगा जल से शवों का स्नान भी हो जायेगा, उसका एक निर्धारित शुल्क किया जायें जिससे गरीब आदमी भी अपने परिजन का शवदहन के पूर्व स्नान करा सकें। लकड़ी का निर्धारित शुल्क एवं महापात्र द्वारा जो पूजन संस्कार कराया जाता है उसका भी एक निर्धारित शुल्क नगर निगम द्वारा प्रस्तावित कराकर बोर्ड लगवा दिया जाये जिससे अनाब सनाव पैसों की मांग न हो सके।
ऐतिहासिक संगम के तीर के पास दारागंज शवदाहगृह उन्नत काष्ट का निर्माण कराया जायें, और उन स्थानों पर अस्थायी तौर पर नगर निगम का एक पंजीकरण कार्यालय भी निर्मित कराया जायें, जिससे शवदहन का प्रमाण पत्र जारी किया जा सकें। और उसी आधार घर सम्बन्धित विभाग मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जा सके।

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