
हरियाणा के 46 नगर परिषदों और नगर समितियों में अब वार्डों की तस्वीर बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने इन शहरी निकायों में वार्डबंदी कराने के लिए एडहॉक समितियां गठित कर दी हैं। इन समितियों का काम वार्डों की सीमाएं तय करना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी करना होगा।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रत्येक समिति की अध्यक्षता शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक या उनके प्रतिनिधि करेंगे। संबंधित जिले के उपायुक्त या उनके प्रतिनिधि को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा नगर परिषद या नगर समिति के अध्यक्ष अथवा प्रशासक और संबंधित निकाय के कार्यकारी अधिकारी या सचिव भी समिति में रहेंगे।
सरकार ने समितियों को यह अधिकार भी दिया है कि जरूरत पड़ने पर विभिन्न वर्गों और समूहों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए अधिकतम पांच स्थानीय सदस्यों को शामिल किया जा सकता है। इसके लिए मौजूदा या पहले भंग हो चुकी समितियों के सदस्यों में से लोगों का चयन किया जा सकेगा।
वार्डबंदी की प्रक्रिया चरखी दादरी, फतेहाबाद, टोहाना, सोहना, हांसी, बहादुरगढ़, जींद, नरवाना, कैथल, नारनौल, पलवल, नूंह, भिवानी, गोहाना, कालका, झज्जर, समालखा, बरवाला, रतिया, सफीदों, उचाना, घरौंडा, असंध, शाहाबाद, पिहोवा, महेंद्रगढ़, पुन्हाना, बावल, महम, ऐलनाबाद, रानियां और गन्नौर समेत 46 निकायों में होगी। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। आदेश 2 सितंबर 2026 को जारी किया गया है। वार्डों के परिसीमन के बाद इन निकायों में चुनावी तैयारियों को भी आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होगा।

