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NITTTR चंडीगढ़ में ‘शतायु संघ और महिला सहभागिता’ पर राष्ट्रीय परिसंवाद आयोजित, महिला सशक्तिकरण पर हुआ मंथन

चंडीगढ़। चंडीगढ़ स्थित राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (NITTTR) में सप्त सिंधु कल्चरल हेरिटेज फोरम के बैनर तले “शतायु संघ और महिला सहभागिता” विषय पर राष्ट्रीय परिसंवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सहभागिता और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर व्यापक चर्चा करना था। आयोजन का नेतृत्व डॉ. वरिंदर गर्ग एवं उनकी टीम ने किया, जबकि प्रसिद्ध लेखिका डॉ. शोभा विजेंद्र के सामाजिक संगठन ‘संपूर्णा’ का भी इसमें विशेष सहयोग रहा।

परिसंवाद में 350 से अधिक लोगों, विशेषकर बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान महिला नेतृत्व, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र निर्माण में मातृशक्ति के योगदान पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

मुख्य वक्ता डॉ. शोभा विजेंद्र ने अपनी पुस्तक और ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्षों के सफर में महिलाओं ने मातृशक्ति के रूप में समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का योगदान केवल परिवार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और राष्ट्रीय विकास के विभिन्न क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय जिम्मेदारियां निभाई हैं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने अपने संबोधन में डॉ. शोभा विजेंद्र की पुस्तक को एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य महिलाओं की सक्रिय और समान भागीदारी के बिना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने समाज में नारी शक्ति के योगदान को अधिक सम्मान और अवसर देने की आवश्यकता पर बल दिया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-प्रचार प्रमुख प्रदीप जोशी ने भारतीय इतिहास और संस्कृति का उल्लेख करते हुए गार्गी से लेकर माई भागो जैसी प्रेरणादायी महिलाओं के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में महिलाओं ने हर युग में ज्ञान, नेतृत्व, सेवा और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सार्थक संवाद आयोजित करने के लिए आयोजकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना वर्तमान समय की आवश्यकता है और ऐसे कार्यक्रम सकारात्मक सोच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

परिसंवाद में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. ज्योति चौथाईवाले, डॉ. मुक्ता शर्मा और अभिनेत्री सतिंदर कौर सत्ती ने भी अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, शिक्षा को बढ़ावा देने और नेतृत्व के अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।

डॉ. वरिंदर गर्ग एवं सप्त सिंधु कल्चरल हेरिटेज फोरम की टीम द्वारा आयोजित यह राष्ट्रीय परिसंवाद सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

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