
पलामूः पुलिस आपदा के दौरान कैसे मदद कर सकती है? कैसे मदद ली जा सकती है? पुलिस की कार्यप्रणाली क्या है? इन सब विषय को लेकर पलामू पुलिस ने एक बड़ा जागरुकता अभियान शुरू किया है. इस अभियान का उद्देश्य है कि महिला एवं बच्चों को एक सुरक्षित माहौल दिया जाए और उन्हें कानूनी रूप से जागरूक किया जाए.
दरअसल, बिहार के जमुई और दिल्ली की घटना ने महिला एवं बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई सवालों को जन्म दिया है. इसी बीच पलामू पुलिस एक पहल करते हुए नक्सल इलाके के ग्रामीण महिला एवं बच्चों को पुलिसिंग से जोड़ रही है. ग्रामीण महिला और बच्चों को पोक्सो, ईव टीजिंग, गुड टच, बैड टच, के बार में जानकारी दे रही है.
इस संबंध में पलामू के सभी थाना प्रभारी को टास्क सौंपा गया है और ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित करने को कहा गया है. पुलिस अधिकारी महिला और स्कूल, कॉलेज में पढ़ाई करने वाले लड़कियों को मोबाइल नंबर भी दे रहे हैं ताकि आपदा के दौरान उन्हें मदद पहुंचाई जा सके.
स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में संवाद स्थापित कर रही पुलिस
पलामू के सभी थाना क्षेत्र में पुलिस स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में जा रही है. संस्थानों में लड़कियों के साथ पुलिस संवाद स्थापित कर रही है और उन्हें कानूनी विषय की जानकारी दे रही है. लड़कियों से संवाद करने के लिए महिला थाना प्रभारी एवं महिला सब इंस्पेक्टर को जिम्मेदारी दी गई है.
ग्रामीणों के बीच संवाद स्थापित करने के लिए थाना प्रभारी और अन्य पदाधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है. स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में पुलिस पदाधिकारी पुलिस के कार्यप्रणाली के साथ-साथ उनके सवालों का भी जवाब दे रहे हैं. महिला एवं लड़कियों को बताया जा रहा है कि आपदा के दौरान डायल 112 भी काफी महत्वपूर्ण है. किसी अधिकारी का नंबर नहीं रहने पर डायल 112 पर कॉल करके मदद ली जा सकती है.
पलामू के विभिन्न थाना क्षेत्र में प्रभारी एवं अन्य पदाधिकारियों के द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इसमें पुलिस के कार्य करने की प्रणाली, क्या कानून है और आपदा के दौरान पुलिस कैसे मदद करेगी इसकी जानकारी दी जा रही है. महिलाओं और बच्चों के लिए बने कानून के बारे में जानकारी दी जा रही है. सभी को यह भी बताया जा रहा है कि समाज में रहने वाले और सामाजिक तत्वों की जानकारी वह कैसे पुलिस के साथ साझा कर सकते हैं. यह भी बताया जा रहा है कि डायल 112 क्या है और आपातकालीन स्थिति में इससे कैसे मदद ली जा सकती है. स्कूली बच्चे और लड़कियों को गुड टच और बेड टच के साथ साथ पोक्सो के बारे जानकारी दी जा रही है ताकि वे जागरूक रहे और पुलिस की मदद ले सके. –कपिल चौधरी, एसपी, पलामू.
महिला और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण कदम
पलामू में महिला और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस महत्वपूर्ण कदम उठा रही है. पलामू के सभी इलाकों में बीट पुलिसिंग भी शुरू की गयी है. बीट में तैनात पुलिस अधिकारियों को महिला एवं बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई बिंदुओं पर गाइडलाइन भी जारी की गयी है. स्कूल एवं कॉलेज के वक्त में बीट पुलिस पदाधिकारी इलाके में खास निगरानी रखेंगे.
पुलिस अधिकारी लड़कियों को सिर्फ पोक्सो और ईव टीजिंग से जुड़े हुए मामलों की जानकारी नहीं दे रहे हैं बल्कि दहेज उत्पीड़न सामाजिक उत्पीड़न समेत कई कानूनी पहलुओं की जानकारी दे रहे हैं. पलामू के सदर अनुमंडल क्षेत्र में महिला थाना प्रभारी पार्वती कुमारी, हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र में थाना प्रभारी मुन्नी कुमारी, छतरपुर अनुमंडल क्षेत्र में महिला थाना प्रभारी रूपा बाखला को विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है.
स्कूल, कॉलेज में लगाया जा रहा है स्पेशल कैंप
पलामू पुलिस महिला एवं लड़कियों को जागरूक करने के लिए स्कूल कॉलेज में कैंप भी लगा रही है. डिजिटल मीडिया के इस दौर में सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जा रहा है और कई इलाकों में पोस्टर भी लगाए जा रहे हैं.
पलामू के मेदिनीनगर की टाउन महिला थाना प्रभारी पार्वती कुमारी बताती हैं कि लड़की एवं महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है. इस दौरान कई कानूनी सलाह दी जा रही है और उनके साथ नंबर को भी साझा किया जा रहा है. लड़कियों को खास तौर पर बताया जा रहा है वे कैसे पुलिस के कैसे मदद ले सकती हैं.
कानूनी मामलों की जानकारी और पारा लीगल वॉलंटियर इंदु भगत का कहना है कि जागरूकता अभियान काफी अच्छा कदम है लेकिन वर्तमान हालात में सख्त कदम भी उठाने की जरूरत है. माता-पिता को भी इस विषय में जागरूक होने की जरूरत है ताकि घर की लड़की और महिलाएं उनसे खुलकर अपनी बात रख सकें.

