सहारा निवेशकों ने राष्ट्रपति व सुप्रीम कोर्ट को भेजा ज्ञापन, शीघ्र भुगतान की मांग

ब्यूरो रिपोर्ट अनूप पाण्डेय
सीतापुर। सहारा क्यू शॉप यूनिक प्रोडक्ट रेंज लिमिटेड, सहारा रियल एस्टेट एवं सहारा हाउसिंग स्कीम में निवेश करने वाले जमाकर्ताओं ने अपनी गाढ़ी कमाई की वापसी के लिए महामहिम राष्ट्रपति महोदया एवं माननीय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि सहारा समूह की विभिन्न योजनाओं की मेच्योरिटी डेट पूरे कई साल पहले हो चुकी है, लेकिन अब तक अधिकांश निवेशकों को भुगतान नहीं किया गया है। सरकार और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शुरू किए गए CRCS–Sahara Refund Portal से भी अब तक निवेशकों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया है।
निवेशकों ने आरोप लगाया कि जिन लोगों को आंशिक भुगतान किया गया है, उन्हें केवल ₹10,000 से ₹50,000 तक ही राशि मिली है, जबकि उनका निवेश लाखों रुपये में है। इससे निवेशकों में गहरी नाराजगी है।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें सभी निवेशकों का पूर्ण मूलधन व ब्याज सहित शीघ्र भुगतान, आंशिक भुगतान पाने वालों को शेष धनराशि की अदायगी, रिफंड पोर्टल को सरल एवं प्रभावी बनाना तथा भुगतान हेतु समयबद्ध कार्यक्रम घोषित करना शामिल है।
इस दौरान निवेशकों ने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक क्षति का नहीं बल्कि गरीब, किसान, मजदूर, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिकों की जीवनभर की बचत से जुड़ा हुआ है।
ज्ञापन सौंपने वालों में राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय देव शुक्ला जिला अध्यक्ष नवल किशोर मिश्रा अल्पना सिंह, चन्द्रभान सक्सेना, प्रदीप कुमार माथुर, सुशील कुमार मिश्रा, विजय कुमार गुप्ता, लक्ष्मी कांत बाजपेई, रजत शुक्ला, भोलानाथ तिवारी, आदित्य सिंह, राज कुमार श्रीवास्तव, सीमा राठौर, कृष्णा राठौर, मनोरमा राठौर, राजाराम, रामसिंह यादव, मुन्नी देवी समेत बड़ी संख्या में निवेशक उपस्थित रहे।





