देश भर में एसआईआर के नाम पर खुलेआम धांधली हो रही – सौरभ भारद्वाज

– भाजपा को जिताने के लिए चुनाव आयोग मतदाता सूची में हेराफेरी कर रहा है – सौरभ भारद्वाज
– एसआईआर के बाद भी बिहार के लोगों का बिहार में वोट है और दूसरे राज्य में भी वोट है, जहां वे रह रहे हैं- सौरभ भारद्वाज
– वोटरों का एड्रेस जानने के लिए एसआईआर हो रही, ताकि भाजपा उन्हें पैसे देकर ला सके और अपने पक्ष में वोट करा सके- सौरभ भारद्वाज
नई दिल्ली, 01 दिसंबर 2025: आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे मतदाता गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के उद्देश्य और पारदर्शिता पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि देश भर में एसआईआर के नाम पर खुलेआम धांधली हो रही है। भाजपा को जिताने के लिए चुनाव आयोग मतदाता सूची में हेराफेरी कर रहा है। अगर ऐसा नहीं है तो ये कैसे संभव है कि एसआईआर के बाद भी बाहर रह रहे बिहार के लोगों का बिहार में भी वोट है और दूसरे राज्य में भी वोट है, जहां वे रह रहे हैं। एसआईआर सिर्फ वोटरों का एड्रेस जानने के लिए की जा रही है, ताकि चुनाव के दौरान भाजपा उन तक पहुंच सके और उन्हें ट्रेन का मुफ्त टिकट व पैसे देकर अपने पक्ष में वोट देने के लिए घर ला सके।
सोमवार को सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एसआईआर के नाम पर पूरे देश में खुल्लमखुल्ला धांधली चल रही है। चुनाव आयोग खुलेआम भाजपा को जिताने के लिए मतदाता सूची में हेरफेर कर रहा है। चुनाव आयोग ने खुद दावा किया था कि एसआईआर में हर मतदाता के घर जाकर सत्यापन किया जा रहा है और एक व्यक्ति का वोट केवल एक ही जगह हो सकता है। फिर भी बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान पूरे हरियाणा के अलग-अलग जिलों से स्पेशल ट्रेनें चलवाई गईं। इन ट्रेनों में बिहार मूल के उन लोगों को मुफ्त टिकट देकर, जेब खर्च देकर बिहार भेजा गया, ताकि वे वहां जाकर भाजपा को वोट डाल सकें। यही प्रयोग दिल्ली में भी दोहराया गया और यह सब कुछ रिकॉर्ड पर मौजूद है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब एसआईआर हुई तो ये कैसे संभव है कि हरियाणा में रह रहे बिहार के लोगों का वोट बिहार में भी है और हरियाणा में भी है। यह संभव नहीं हो सकता। इसका सीधा मतलब यही है कि पूरी एसआईआर प्रक्रिया का प्रयोग सिर्फ यह पता लगाने के लिए किया गया कि बिहार में कौन कौन लोग ऐसे हैं, जिनका वोट तो बिहार में हैं लेकिन वो हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश मेरा रहे हैं, उनका पता क्या है और उन तक कैसे भाजपा पहुंचे और चुनाव के दौरान उनको ट्रेन का फ्री टिकट और पैसा देकर स्पेशल ट्रेनों से बिहार ला सके और भाजपा को वोट डलवा सके।





