यूपी चुनाव से पहले जातीय तानाबाना साधने में जुटी बीजेपी: ‘बांसकार महासम्मेलन’ में डिप्टी सीएम केशव मौर्य और ब्रजेश पाठक का बड़ा भरोसा

लखनऊ। विधान सभा चुनाव से पहले भाजपा जातीय तानाबाना कसने में जुटी है। प्रदेश में लगभग दो फीसद आबादी वाले बांसकार समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बांस के उत्पादों को विश्व बाजार तक पहुंचाने का लक्ष्य है। सरकार बांस कला बोर्ड भी बना सकती है।
बुधवार को आयोजित बांसकार महासम्मेलन में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाज को भरोसा दिया कि सरकार आरक्षण का हनन कभी नहीं होने देगी। वहीं, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि बांसकार समाज के हुनर को सही अवसर दिया जाएगा।
विश्वैसरैया सभागार में आयोजित कार्यक्रम में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकारी सेवाओं में 60 प्रतिशत का आरक्षण है जिसमें 27 प्रतिशत पिछड़ा, 21 प्रतिशत दलित, दो प्रतिशत अनुसूचित जनजाति और दस प्रतिशत सामान्य वर्ग के गरीबों के लिये रखा गया है, जो जारी रहेगा।
अयोध्या में हुए कार सेवा आन्दोलन के दौरान शहीद हुए राजेन्द्र धरकार के परिवारजनों को सम्मानित करते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग के लोगों ने अयोध्या राम जन्म भूमि आन्दोलन में भाग लिया। ब्रजेश पाठक ने कहा कि भगवान विष्णु को वेणु गोपाल कहा गया है। भगवान राम का धनुष बांस निर्मित था।
विवाह, गृह प्रवेश, मंडप निर्माण और पूजा में बांस को महत्व दिया जाता है। सम्मेलन के संयोजक तथा विधान परिषद के सदस्य डा. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि बांस की खेती के लिये बांसकारों को पट्टे पर जमीन का आवंटन किया जाना चाहिए।
बांसकारों की वंशज महाराजा वेनु की प्रतिमा स्थापित करने तथा बांस शिल्प कला बोर्ड के गठन की मांग की गयी। बांसकार समाज की जातियों, धरकार, बांसफोड़, बसोर को मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के आवास आवंटन के लिए प्राथमिकता दिये जाने पर योगी सरकार का आभार जताया।
असम से आए राज्य सफाई कर्मचारी आयोग असम के अध्यक्ष बैजनाथ बांसफोर, बांस शिल्प कला बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष-विधायक घनश्याम पुरोनिया, आंबेडकर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद कुमार सरोज तथा महामंत्री अमरनाथ प्रजापति ने भी संबोधित किया।





