सरकारी जमीन पर अवैध प्लॉटिंग का खेल! करोड़ों की कमाई,कब चलेगा बाबा का बुलडोजर

दैनिक बालजी /ब्यूरो
कटरी पीपरखेड़ा में सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप, गरीबों के आशियानों पर मंडराया संकट
उन्नाव/गंगाघाट। थाना गंगाघाट क्षेत्र की ग्रामसभा कटरी पीपरखेड़ा में सरकारी भूमि पर अवैध प्लॉटिंग और बिक्री का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि रकबा संख्या 46 की सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं ने नियमों को ताक पर रखकर प्लॉट काटे और उन्हें बेचकर करोड़ों रुपये का खेल किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से सरकारी भूमि पर कब्जा कर अवैध तरीके से प्लॉटिंग की गई और बड़ी संख्या में लोगों को जमीन बेच दी गई। अब प्रशासन की नजर इस मामले पर पड़ने के बाद कार्रवाई की चर्चाएं तेज हो गई हैं। यदि प्रशासन द्वारा बुलडोजर कार्रवाई की जाती है तो सबसे बड़ा सवाल उन परिवारों पर खड़ा होगा जिन्होंने अपनी जीवन भर की जमा-पूंजी लगाकर यहां मकान बनाए हैं।
बताया जा रहा है कि कई परिवारों ने प्लॉट खरीदकर अपने आशियाने तैयार किए हैं। ऐसे में यदि सरकारी भूमि पर बने निर्माणों को हटाया जाता है तो गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
क्षेत्र में यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि यदि जमीन सरकारी थी तो अवैध प्लॉटिंग के दौरान संबंधित विभागों और अधिकारियों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की। साथ ही, जिन भू-माफियाओं ने जमीन बेचकर करोड़ों रुपये कमाए, उनकी। जिम्मेदारी तय होगी या नहीं।
क्या होगी अवैध कमाई की रिकवरी?
लोगों की मांग है कि यदि जांच में सरकारी भूमि पर अवैध प्लॉटिंग और बिक्री की पुष्टि होती है तो भू-माफियाओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, अवैध रूप से अर्जित धन की रिकवरी कर प्रभावित लोगों को न्याय दिलाया जाए।
प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें
अब पूरे मामले में प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कार्रवाई केवल गरीब खरीदारों तक सीमित न रहे, बल्कि उन लोगों पर भी हो जिन्होंने सरकारी जमीन को बेचकर करोड़ों रुपये का लाभ कमाया।
अब देखना यह होगा कि बाबा का बुलडोजर केवल अवैध निर्माणों पर चलेगा या फिर सरकारी जमीन बेचने वाले भू-माफियाओं तक भी कानून का शिकंजा पहुंचेगा।





