राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 176.59 करोड़ रुपये की पेंशन राशि की हस्तांतरित, जनकल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत माह मई की पेंशन राशि लाभार्थियों के खातों में वन क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की। इस अवसर पर राज्य के 9 लाख 74 हजार 338 लाभार्थियों के खातों में कुल 176 करोड़ 59 लाख 24 हजार रुपये की धनराशि सीधे भेजी गई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को नशा मुक्त उत्तराखण्ड अभियान तथा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और देखभाल की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर, जरूरतमंद और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा तथा सम्मान सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। राष्ट्रीय खेलों और जी-20 बैठकों के सफल आयोजन ने राज्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। वहीं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से प्राप्त निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर रहे हैं, जिससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर माला मिशन पर तेजी से कार्य कर रही है। इसके साथ ही शारदा कॉरिडोर, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, यमुना कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर और गोल्ज्यू कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं, जो प्रदेश के पर्यटन और आर्थिक विकास को नई दिशा देंगी।
उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राज्य की आर्थिकी लगभग डेढ़ गुना बढ़ी है, जबकि बीते एक वर्ष में जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड कमी आई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। राज्य का बजट आकार भी अब एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होम-स्टे, उद्योग, स्टार्टअप, हेलीपोर्ट और विद्युत उत्पादन जैसे क्षेत्रों में दो से तीन गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) सूचकांक में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि सार्वजनिक वित्तीय प्रदर्शन सूचकांक में विशेष श्रेणी राज्यों में राज्य दूसरे स्थान पर रहा है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखण्ड को ‘अचीवर्स’ तथा स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चार सूत्रीय रणनीति पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार, सरकारी प्रक्रियाओं का सरलीकरण, आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग तथा नियमित मॉनिटरिंग एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आयोगों, परिषदों और समितियों के पदाधिकारियों से जिलों और दूरस्थ क्षेत्रों का नियमित भ्रमण कर योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की निगरानी करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास, श्री भरत चौधरी, विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्रीमती पार्वती दास, श्री भूपाल राम टम्टा, सचिव श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव श्री प्रकाश चन्द्र सहित विभिन्न आयोगों, परिषदों एवं समितियों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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