पंजाब में मेयर चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल, पार्षदों की गतिविधियों पर नजर

पंजाब में नगर निगम चुनावों के बाद अब मेयर पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। राज्य की आठ नगर निगमों में मंगलवार को मेयर चुनाव होने हैं, जिसके चलते विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने में जुटे हुए हैं।
नगर निगम चुनावों में बरनाला, मोगा, बटाला, बठिंडा और मोहाली में आम आदमी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिला है। वहीं, अबोहर में भाजपा और कपूरथला में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया है। दूसरी ओर, पठानकोट नगर निगम में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत से दूर है, जिससे वहां मेयर चुनाव रोमांचक हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक, मेयर चुनाव से पहले मोहाली के करीब 22 पार्षदों के मोबाइल फोन बंद हैं। चर्चा है कि उन्हें हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर ले जाया गया है। वहीं, बठिंडा में मेयर पद के दावेदारों ने आम आदमी पार्टी के पार्षदों को राजस्थान के सालासर धाम की यात्रा करवाई है।
मोहाली में मेयर पद को लेकर खींचतान
मोहाली नगर निगम में मेयर पद के लिए कई दावेदार मैदान में हैं। सबसे मजबूत दावेदारी विधायक कुलवंत सिंह के बेटे सरबजीत सिंह समाना की मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि सरबजीत सिंह समाना समेत कई पार्षद हिमाचल प्रदेश में हैं और उनके मोबाइल फोन भी बंद हैं। संभावना है कि सभी पार्षद शपथ ग्रहण समारोह और मेयर चुनाव के दिन सीधे मोहाली पहुंचेंगे।
इसके अलावा, वाटर सप्लाई एवं सीवरेज बोर्ड के अध्यक्ष सनी अहलूवालिया भी मेयर पद की दौड़ में शामिल बताए जा रहे हैं। गुरमीत कौर और सुखदेव सिंह पटवारी के नाम भी संभावित उम्मीदवारों में चर्चा में हैं।
पठानकोट में मुकाबला दिलचस्प
पठानकोट नगर निगम में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में मेयर चुनाव को लेकर कांग्रेस, भाजपा और आम आदमी पार्टी सक्रिय हो गई हैं। सभी दल समर्थन जुटाने और राजनीतिक समीकरण साधने में लगे हैं। इस बीच कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के संभावित गठबंधन को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मेयर चुनाव से पहले जारी इन राजनीतिक गतिविधियों ने पंजाब की सियासत को और गर्मा दिया है। अब सभी की नजरें मंगलवार को होने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।





