CJP प्रदर्शन पर सियासत तेज, राहुल गांधी ने पीएम आवास के बाहर किया विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस ने कथित CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रधानमंत्री आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग उठाई।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी लेने से बच रही है और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराने से भी इनकार कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने वालों की आवाज़ दबाई जा रही है।
‘चलो संसद’ मार्च के बाद बढ़ा विवाद
यह विरोध प्रदर्शन एक दिन पहले आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के बाद हुआ, जिसमें प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प हुई थी। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर सामने आई थी। घटना के बाद विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साध रहा है।
चरणजीत सिंह चन्नी ने साधा निशाना
प्रदर्शन में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी शामिल हुए। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने भाजपा पर छात्रों और प्रदर्शनकारियों की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया। चन्नी ने पुलिस कार्रवाई को “भाजपा का आतंकवाद” बताते हुए कहा कि सरकार जवाबदेही मांगने वालों के खिलाफ बल प्रयोग कर रही है।
कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
प्रधानमंत्री आवास के निकट हुए प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, के.सी. वेणुगोपाल, पवन खेड़ा सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
NEET-UG और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर हमला
कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को प्रमुख मुद्दा बनाया। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग दोहराई।
वहीं, केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। संसद के मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने की संभावना है।





