शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब बना देश का नंबर-1 राज्य, केजरीवाल ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि

Seema Thakur
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में हुए उल्लेखनीय सुधारों की सराहना करते हुए दावा किया कि नीति आयोग के शिक्षा सर्वेक्षण में पंजाब ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि एक समय सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था के मामले में 27वें स्थान पर रहने वाला पंजाब आज देश का अग्रणी राज्य बन गया है, जो राज्य सरकार की शिक्षा सुधार नीतियों का परिणाम है।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वर्ष 2020 के सर्वेक्षण में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में 27वें स्थान पर था, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद मात्र चार वर्षों में राज्य ने अभूतपूर्व प्रगति करते हुए पहला स्थान प्राप्त कर लिया। उन्होंने कहा कि पंजाब ने इस उपलब्धि के साथ शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से अग्रणी माने जाने वाले केरल जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।
केजरीवाल ने इसे सरकारी स्कूलों में आए ऐतिहासिक परिवर्तन का परिणाम बताते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी शुरू से ही शिक्षा और स्वास्थ्य को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानती रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में सरकार बनने के बाद शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए गए थे और उसी मॉडल को पंजाब में भी लागू किया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल किसी सरकार की नहीं, बल्कि पंजाब के शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षा विभाग से जुड़े सभी लोगों की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। राज्य सरकार ने स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने, शिक्षकों के प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उन्होंने दावा किया कि कई छात्रों ने नीट (NEET) और जेईई (JEE) जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल कर यह साबित किया है कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी उचित अवसर और संसाधन मिलने पर किसी से कम नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और अभी भी कई क्षेत्रों में और बेहतर कार्य करने की आवश्यकता है। हालांकि, 27वें स्थान से पहले स्थान तक पहुंचना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है, जिसने पूरे राज्य की शिक्षा व्यवस्था में नया आत्मविश्वास पैदा किया है।
केजरीवाल ने कहा कि यदि सरकार की प्राथमिकता शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों पर केंद्रित हो, तो कम समय में भी बड़े बदलाव संभव हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा और देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बनेगा।
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