पंजाबराज्य

पंजाब CM भगवंत मान से मुलाकात पड़ी भारी: SGPC सदस्य मिट्ठू सिंह कानेके और जसवंत सिंह पुड़ैण को 10 दिन का अल्टीमेटम

अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों के उल्लंघन के आरोप में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के दो वरिष्ठ सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय की ओर से सदस्य मिट्ठू सिंह कानेके और जसवंत सिंह पुड़ैण से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

दोनों सदस्यों पर आरोप है कि उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मुलाकात की। सचिवालय के पत्र में इसे श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जारी आदेशों के विपरीत बताया गया है। दोनों सदस्यों को नोटिस मिलने के बाद निर्धारित समय में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर अपना लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।

दस दिन में व्यक्तिगत पेशी के आदेश

श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय की ओर से जारी नोटिस के अनुसार दोनों सदस्यों को दस दिन के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देना होगा। नोटिस में उनसे कथित अनुशासनहीनता को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए कहा गया है।

यह कार्रवाई श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज के आदेश पर किए जाने की बात कही गई है। सचिवालय की ओर से जारी पत्र में संबंधित आदेश और उसके पालन से जुड़े निर्देशों का हवाला दिया गया है।

बैठकों में शामिल होने पर रोक

नोटिस के साथ दोनों सदस्यों पर अंतरिम अनुशासनात्मक रोक भी लगाई गई है। जब तक दोनों सदस्य व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण नहीं देते और श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से इस मामले में अंतिम फैसला नहीं किया जाता, तब तक उन्हें शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की बैठकों या किसी भी तरह की एकत्रता में शामिल होने से रोक दिया गया है।

इसका अर्थ है कि स्पष्टीकरण और अंतिम निर्णय तक दोनों सदस्य कमेटी की बैठकों में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। आगे की कार्रवाई उनके जवाब और श्री अकाल तख्त साहिब के निर्णय के आधार पर तय होगी।

मुलाकात को लेकर उठे सवाल

सचिवालय के नोटिस में कहा गया है कि पांच सिंह साहिबान की ओर से जारी आदेश के तहत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को लेकर पंथक स्तर पर निर्णय किया गया था। इसी संदर्भ में दोनों सदस्यों की मुख्यमंत्री से मुलाकात को आदेशों के उल्लंघन के रूप में देखा गया है।

अकाल तख्त और मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच इस वर्ष विभिन्न धार्मिक और कानूनी मुद्दों को लेकर संवाद और विवाद दोनों सामने आए हैं। जून में अकाल तख्त ने पंजाब सरकार के बेअदबी कानून से जुड़े प्रावधानों पर भी आपत्तियां उठाई थीं और सरकार को उनमें सुधार के लिए समय दिया था।

जवाब के बाद तय होगी अगली कार्रवाई

अब दोनों सदस्यों को निर्धारित समय में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा। उनके लिखित स्पष्टीकरण और पेशी के बाद श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से आगे का निर्णय लिया जाएगा।

मामले में अभी दोनों सदस्यों की ओर से इस नोटिस पर कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है। उनका पक्ष सामने आने के बाद मामले की पूरी तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

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