ओवेरियन कैंसर समझी गई टीबी, मैक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बचाई सर्जरी

अनिल कुमार गुप्ता
नई दिल्ली। गुरुग्राम की 61 वर्षीय महिला को ओवेरियन कैंसर समझकर सर्जरी के लिए तैयार किया गया था, लेकिन मैक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने पाया कि वह पेट की टीबी (एब्डॉमिनल ट्यूबरकुलोसिस) है। डॉ. सुमन लाल ने बताया कि चरणबद्ध जांच से बड़ी सर्जरी टल गई और समय पर इलाज शुरू हो गया।
महिला को पेट दर्द, सूजन, भूख में कमी और वजन घटने जैसी समस्याएं थीं। जांच में ओवरी में बड़ा मास पाया गया, लेकिन बायोप्सी में टीबी की पुष्टि हुई। डॉ. सुमन लाल ने बताया कि टीबी के बैक्टीरिया शरीर के भीतर गहराई में छिपकर धीरे-धीरे बढ़ते हैं, इसलिए लंबे समय तक मल्टीपल दवाएं एक साथ देना जरूरी होता है।
अब महिला का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है। यह मामला बताता है कि अधिक उम्र की महिलाओं में पाए जाने वाले हर ओवेरियन मास को कैंसर नहीं माना जाना चाहिए। एब्डॉमिनल टीबी स्कैन और ब्लड टेस्ट में एडवांस कैंसर जैसी ही दिख सकती है।





